पुस्तकों के पन्ने : प्रभा मजुमदार

पुस्तकों के पन्ने : प्रभा मजुमदार

      वरिष्ठ कवयित्री। कविता संग्रह ‘अपने अपने आकाश’ , ‘तलाशती हूँ जमीन’ ,‘अपने हस्तिनापुरों में’ और ‘सिर्फ स्थगित होते हैं युद्ध। अरसे पहले पढ़ी पुस्तकों के पन्नेफड़फड़ाते हैं मेरे इर्दगिर्दऔर अपने निर्वासन में खिन्न आशंकितकुछ अवसाद से भरी मैंसुकून और...
साहित्यकारों पर एकाग्र-पत्रिकाओं का हस्तक्षेप :अमित साव

साहित्यकारों पर एकाग्र-पत्रिकाओं का हस्तक्षेप :अमित साव

काज़ी नज़रुल विश्वविद्यालय में शोध छात्र।   यह एक अनोखी बात है कि हाल में चार वरिष्ठ साहित्यकारों पर चार पत्रिकाओं ने विशेषांक निकाले।जब किसी रचनाकार के जीवन और कृतित्व से संबंधित ज्ञात-अज्ञात तथ्यों के आधार पर विभिन्न लेखकों द्वारा मूल्यांकन किसी पत्रिका में...
पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : कार्बी : ऑन तेरॉन

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : कार्बी : ऑन तेरॉन

ऑन तेरॉन (1993) कार्बी भाषा के युवा कवि कथाकार एवं संपादक।पेशे से शिक्षक।तीन पुस्तकें प्रकाशित।जामबिलि लिटरेरी फाउंडेशन के सचिव तथा ‘माइनो’ नामक कार्बी पत्रिका के सह-संपादक। हिंदी अनुवाद : आकाश कुमार (1991) युवा हिंदी लेखक और अनुवादक।जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से...
शिवप्रसाद ‘सितारेहिंद’ की इतिहास दृष्टि तिमिर नाशक या तिमिरवर्धक : संजय कुमार

शिवप्रसाद ‘सितारेहिंद’ की इतिहास दृष्टि तिमिर नाशक या तिमिरवर्धक : संजय कुमार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शोध छात्र। राजा शिवप्रसाद ‘सितारेहिंद’ (1823-1895) का लेखन अपने समय के अंतर्विरोधों से घिरा नजर आता है।नवजागरण के आगोश में नित नए चिंतन तथा नई खोजों के दौर में उनके लेखन में किसी एक दृष्टि का बोलबाला नहीं है, बल्कि घटनाएं, परिस्थितियां...