ज़िंदा हैं अभी संभावनाएं : जय चक्रवर्ती

ज़िंदा हैं अभी संभावनाएं : जय चक्रवर्ती

 वरिष्ठ कवि।प्रकाशित कृतियाँ : संदर्भों की आग, ज़िंदा हैं आँखें अभी (दोहा संग्रह), थोड़ा लिखा समझना ज़्यादा (नवगीत संग्रह), हमारे शब्द बोलेंगे (मुक्तक संग्रह)। एक पर-टूटे परिंदे नेभरी उड़ानजिंदा हैं अभी संभावनाएंचुप्पियों की गांठ को खोला किसी नेशब्द में स्वर को तनिक घोला...
कविताएं :  हेमंत कुकरेती

कविताएं : हेमंत कुकरेती

    वरिष्ठ कवि।2001 में भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार।कविता संग्रह-‘चलने से पहले’, ‘नया बस्ता’, ‘चाँद पर नाव’, ‘कभी जल, कभी जाल’, ‘धूप के बीज’, ‘ईख चूसता ईश्वर’।आलोचना की कई पुस्तकें। मिट्टी है केवल उनके शरीर में नमक ज्यादा हैया मिट्टी है केवलकोई नहीं बतातावह...
तेंदुए  : हरजेंद्र चौधरी

तेंदुए : हरजेंद्र चौधरी

 वरष्ठि कवि।चार कविता-संग्रह और तीन कहानी-संग्रह के अलावा कुछ संपादित कृतियां। 1न भूख ने अपना रवैया बदलान ही हत्यारों नेपिछले जन्म मेंपुलिस ने गोली मार दी थीटिफिन चुराते जिन भूखे लोगों कोइस जन्म में वे तेंदुए बन गएवे अब भी भूखे हैंउन्हें अब भी गोली मारी जा रही...
किताबें

किताबें

जो अभी खोई नहीं (कविता संग्रह) :गोविंद माथुरबोधि प्रकाशन, जयपुर : मूल्य :250 रुपयेआसपास की घटनाओं और स्थितियों को सहज रूप से काव्यात्मक प्रस्तुति इन कविताओं की विशेषता है।इनमें मनुष्य जीवन की छोटी-बड़ी विलक्षणताएं देखी जा सकती हैं। भारत विजय (इतिहास) :जान विल्सनअनुवाद...
देवीपुर की औरतें  : मनीषा गुप्ता

देवीपुर की औरतें : मनीषा गुप्ता

युवा कवयित्री और सहायक शिक्षिका। देवीपुर की औरतेंमाथे पर कड़ाह लिएगंवई साड़ी मेंकमर में गमछा लपेटेजब चलती हैं नंगे पैरधरती के सबसे करीब होती हैंदेवीपुर की औरतेंहाथों में हथौड़ा लिएचढ़ती हैं लोकल ट्रेन मेंढूंढती हैं जगहक्षण भर आराम के लिए नहींसखियों के संग गपियाने के...