सात क्रांतिकारी : राजेंद्र श्रीवास्तव

सात क्रांतिकारी : राजेंद्र श्रीवास्तव

    प्रकाशित कृतियां :  ‘अभी वे जानवर नहीं बने’, ‘कोई तकलीफ़ नहीं’, ‘प्रतिनिधि कहानियां’, ‘सपनों का गणित’ (कहानी-संग्रह)। ‘सुबह के इन्तज़ार  में’ (नाटक-संग्रह)। ‘काग़ज़ की ज़मीन पर’ (संपादित पुस्तक)। ‘सृजन की वीथिका’, ‘सृजन का उत्सव’ (आलोचना)। हम आठ थे। तब तक...
कविताएं  : अभिनव निरंजन

कविताएं : अभिनव निरंजन

      युवा कवि।अद्यतन कविता संग्रह ‘भयक्षेत्र में उतरते हुए’। तलाश में शब्द किसी प्रार्थना कोअनुकूल शब्द नहीं मिल रहेकोई शब्द है जो न जाने कब सेकिसी प्रार्थना में शामिल होने को प्रतीक्षारत है जब संसार की समस्त प्रार्थनाओं कोउपयुक्त शब्दऔर सारे सही...
ताकि बन सके कविता  : पराक्रम सिंह

ताकि बन सके कविता : पराक्रम सिंह

      युवा कवि।केंद्रीय हिंदी संस्थान, दिल्ली में एक परियोजना से जुड़े। जब खेलते हैं शब्द हमारे पासनहीं मालूम क्यों चले आते हैं पासउनके होने से क्यों कुछ फर्क नहीं पड़तामुझे शब्दों के बारे में कुछ नहीं जानना होतामैं जानना चाहता था केवल वह सबजिससे लोग गढ़ते...
1857- घुड़सवार सैनिक, मातादीन और उसके साथियों की बगावत : सुभाष चंद्र कुशवाहा

1857- घुड़सवार सैनिक, मातादीन और उसके साथियों की बगावत : सुभाष चंद्र कुशवाहा

    सुपरिचित कथाकार, संपादक औरलोक-इतिहास के गंभीर अध्येता और लेखक। ‘लोकरंग’ से जुड़े।अद्यतन पुस्तक ‘भील विद्रोह’। अठारह सौ सत्तावन का विद्रोह, कई गुमनाम नायकों को छिपाए अभी भी किंवदंती बना हुआ है।अभी भी बहुत से गुमनाम नायकों के त्याग और बलिदान से हम अनभिज्ञ...
सांस्कृतिक यात्रा

सांस्कृतिक यात्रा

नीलांबर की एक सांझ कविता की देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था नीलांबर द्वारा ‘एक साँझ कविता की-8’ का आयोजन हावड़ा के शरत सदन में किया गया।यह आधुनिक तकनीक और प्रयोग के समावेश से साहित्य को आम जन तक पहुंचाने का प्रयास है।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी के प्रतिष्ठित कवि...