अफ़ग़ानी कहानी  लेट शिफ़्ट : शरीफ़ा पासुन

अफ़ग़ानी कहानी लेट शिफ़्ट : शरीफ़ा पासुन

हिंदी प्रस्तुति : बालकृष्ण काबरा ‘एतेश’कवि और अनुवादक।अद्यतन कविता संग्रह : ‘छिपेगा कुछ नहीं यहां’।विश्व काव्यों के अनुवादों के दो संग्रह ‘स्वतंत्रता जैसे शब्द’ और ‘जब उतरेगी सांझ शांतिमय’ और विश्व कथाओं और लेखों का संग्रह प्रकाशित ‘ये झरोखे उजालों के’। शरीफा पासुन...
विनोद पदरज

विनोद पदरज

    वरिष्ठ कवि।कई कविता संग्रह प्रकाशित। आज मैंने कुछ नहीं किया आज मैंने कुछ नहीं कियाअखबार तक नहीं पढ़ाकिसी से बात नहीं कीफोन पर भी नहीं आज मैंने दिन भरडाली पर खिले फूलों को देखाएक नई चिड़िया देखीगौरैयों बुलबुलों मैनाओं से अलगउसकी आवाज सुनीजैसे कंठ में घुंघरू...
छतरी : अख़्तर आज़ाद

छतरी : अख़्तर आज़ाद

वरिष्ठ कथाकार।उर्दू और हिंदी दोनों में लेखन। ‘रावी’ पत्रिका का संपादन। जब भी बारिश होती छतरी आबशार के हाथों में चली आती। जिंदगी में पहली बारिश उस दिन हुई जिस दिन वह पैदा हुआ था।यह सब उसे मां ने बताया था कि तूफान के साथ इतनी तेज बारिश हुई थी कि लेडी डॉक्टर नर्सिंग होम...
नरेंद्र पुंडरीक

नरेंद्र पुंडरीक

      सुपरिचित कवि।अद्यतन कविता संकलन ‘इन हाथों के बिना’।केदारनाथ अग्रवाल स्मृति शोध संस्थान से जुड़े। यह पृथ्वी हमारा घर है जितना सब को मालूम थाउतना मुझको भी मालूम है किकिसी सुबह शाम या आधी रात कोचला जाऊंगा मैंपता नहींईश्वर कहां रखेगा मेरी आत्मा को अपनी...
कविताएं : कोरोना काल अशोक वाजपेयी

कविताएं : कोरोना काल अशोक वाजपेयी

प्रसिद्ध हिंदी कवि-आलोचक।भोपाल के भारत भवन के निर्माण में बड़ी भूमिका।प्रमुख कृतियां -‘इस नक्षत्रहीन समय में’, ‘कवि ने कहा’, ‘कुछ रफू कुछ बिगड़े’।हाल में तीन खंडों में ‘सेतु समग्र :अशोक वाजपेयी’। छह-सात आदमी-1 एक आदमी मास्क पहने घर से निकलता हैसड़क पर दूसरा आदमी मास्क...