नीलोत्पल रमेश
‘हिंदी के विकास में आरा नागरी प्रचारिणी सभा का योगदान’ पर शोधकार्य। शिक्षण कार्य से जुड़े।
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
अपनी पीठ पर लादे हुए –
कुरान की आयतें
गीता के श्लोक
बाइबल की सूक्तियाँ
और-और धर्मों की
अनेक विचारधाराएँ
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
उनकी पीठ पर
बैठा हुआ है पहाड़
पृथ्वी इसके बोझ से
असहज महसूस कर रही है
दिशाएँ खोती जा रही हैं
अपना संतुलन
और चिड़िया चहचहा रही है
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
कूदते-फांदते, खिलखिलाते
जैसे सब कुछ
आज ही पा लेंगे अपने स्कूल से
और खुशी-खुशी
लौट आएंगे
अपने – अपने घरों को
आज शाम तक
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
और माँएँ आशंकित हैं
पिता सहमे हुए हैं
भाई – बहन भी असहज हैं
कि समय पर, सही – सलामत
लौट आएगा न मेरा लाल !
कहीं प्रद्युम्न की तरह
कुछ हो तो नहीं जाएगा न !
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
ताकि भविष्य का बीज बन
अंकुर ले सकें
जीवन की खुशहाली के लिए
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
माता-पिता का अरमान ले
सपनों का पिटारा ले
भूत-वर्तमान-भविष्य ले
ताकि छू लें आसमान।
संपर्क – पुराना शिव मंदिर, बुध बाजार, गिद्दी-ए, जिला – हजारीबाग, झारखंड-829108
मो.9931117537, ईमेल neelotpalramesh@gmail.com
