हिंदी आलोचना और विश्वनाथ त्रिपाठी (आलोचना)
रामदेव शुक्ल
सर्व भाषा ट्रस्ट, दिल्ली
मूल्य :249 रुपए
हिंदी समालोचना के इतिहास और विश्वनाथ त्रिपाठी के अवदान पर यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक है। इससे साहित्यिक कृतियों और समाज को देखने की एक नई दृष्टि मिलती है। एक बिलकुल नए आस्वाद से भरी।
धूमिल की कविताओं पर विचार-विमर्श (आलोचना)
सं. विद्याधर मिश्र
अमन प्रकाशन, कानपुर
मूल्य :1100 रुपए
लेखों के संग्रह में धूमिल की कविताओं पर आलोचकों ने बहुत परिश्रम और गहराई से विचार किया है। इसमें धूमिल की कला और जनतंत्र से प्रतिबद्धता पर सुचिंतित लेख हैं। शिक्षार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण पुस्तक।
जिंदगी के अवशेष मात्र (कहानी संग्रह)
शिव कुमार यादव
अद्वैत प्रकाशन, दिल्ली
मूल्य :250 रुपए
इस संग्रह की कहानियां कहानीकार के अनुभव संसार और जनवीजन के संकट और समस्याओं से रूबरू कराती हैं। कुछ कहानियां ग्रामीण पृष्ठभूमि की हैं, जिनमें प्रतिकूलताओं से जूझती स्त्री का यथार्थ मौजूद है।
जब चाहो मुझे पुकारना (कहानी संग्रह)
अभिज्ञात
श्वेतवर्णा प्रकाशन, नोएडा
मूल्य :349 रुपये
संग्रह में शामिल कहानियां यथार्थपरक और प्रभावशाली हैं। ये जीवन के कुछ परिचित और कई अपरिचित पहलुओं का उद्घाटन करती हैं। परिवार और समाज में फैल रही हिंसक वृत्ति और क्रूरता को इन कहानियों में चित्रित किया गया है। मनुष्य के भीतर बैठे भ्रष्ट और अपराधी चरित्र को भी पूरे साहस के साथ कहानियों में उभारा गया है।
आलोचना का मौन (आलोचना)
देवेंद्र आर्य
कौटिल्य बुक्स, दिल्ली
मूल्य :399 रुपए
आलोचना के नाम पर एक चुप्पी, रूटीन कार्य और अति-सराहना की प्रवृत्तियों की आलोचना इस पुस्तक में है। स्पष्ट हुआ है कि ढर्रे पर चलने की आलोचनात्मक सुविधापरस्ती में किस तरह आत्मीय और गंभीर मूल्यांकन में अड़ंगा है।
