फ़िज़ा के समंदर में (कविता संग्रह)
रामस्वरूप किसान
राजकमल प्रकाशन
नई दिल्ली, मूल्य : 250 रुपए
इन कविताओं में दुख, व्यवस्था की क्रूरता, मनुष्य की आंतरिक बेचैनियों के साथ राजनैतिक चेतना मुखर रूप से सामने आती है। जानी-पहचानी चीजों को कवि नए ढंग से सामने लाता है।

भारतेंदु हरिश्चन्द्र (लेख संग्रह)
प्रधान संपादक : महेश आनंद/ देवेंद्र राज अंकुर
संपा : रिज़वाना फ़ातिमा
सेतु प्रकाशन
नोएडा, मूल्य : 285 रुपए
कई लेखकों के लेखों के अत्यंत महत्वपूर्ण इस संकलन में हिंदी नाटक की परंपरा और इसमें भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान पर विचार किया गया है। उनकी कृतियों के सारगर्भित मूल्यांकन इस पुस्तक में हैं।

रामपुर की रामकहानी (आलेख संग्रह)
अमरनाथ
लोकभारती प्रकाशन
प्रयागराज, मूल्य : 350 रुपए
लेखों का यह संग्रह बदलते भारत और खासतौर से वैश्वीकरण के दौर के विकास की कहानी कहता है। इसमें लेखक की गांव में पढ़ाई से लेकर घर-परिवार, शिक्षण संस्थाओं, खेत-खलिहान, अध्यापन-अनुभव और हाल तक के जीवन के असंख्य खट्टे-मीठे प्रसंग आए हैं।

साहित्य का मनोसंधान (निबंध संग्रह)
मृदुला गर्ग
पेंगुइन स्वदेश
गुरुग्राम, मूल्य : 299 रुपए
पुस्तक के लेख पिछले तीस वर्षों में विभिन्न मंचों से दिए गए व्याख्यान हैं। इनमें राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्य के कई पहलुओं पर प्रकाश है। कहीं पीड़ा है तो कहीं आनंदातिरेक, कहीं शोरशराबा है तो कहीं शांति का संसार और कहीं कथारस है तो कहीं व्यंग्य।

ज्यामिति (कविता संग्रह)
शान्ति नायर
राजकमल प्रकाशन
नई दिल्ली, मूल्य : 250 रुपए
इस संग्रह की कविताओं में स्त्री की दृष्टि से बृहत्तर जगत के सरोकार गहरी संवेदना के साथ व्यक्त हुए हैं। इनमें राजनीतिक-सामाजिक जीवन की विडंबनाएं भी उजागर हुई हैं। बिंबों में दार्शनिक उठान है।