स्वगत कथन
(आत्मकथा)
राजेंद्र रघुवंशी
राष्ट्रभाषा ऑफसेट प्रेस, आगरा, मूल्य :500 रुपए
नाटक और फिल्म के जनप्रिय कलाकार राजेंद्र रघुवंशी की यह आत्मकथा नाट्य कलाकारों के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी एक प्रेरक पुस्तक है। यह पुस्तक उनके जीवन के तमाम पक्षों का जीवंत दस्तावेज है। उनकी ओर से सांस्कृतिक-साहित्यक आयोजन, उनकी यात्राएं, इप्टा की स्थापना, जेल-जीवन की घटनाएं और उनके विचार पुस्तकों में संपूर्णता से हैं।
पच्चीस कहानियां
रमाकांत श्रीवास्तव
अंतिका प्रकाशन, गाजियाबाद,
मूल्य :480 रुपए
इन कहानियों में वर्तमान समय के राजनीतिक पतन के बीच युवा पी़ढ़ी की समझदारी प्रकट होती है। इनमें समय के सत्य को समझते हुए कथाकार ने अच्छे कथा प्रयोग किए हैं।
रक्त अपने और युद्ध के दो आईने में
(कविता संग्रह)
शिवकुमार निखिलेश
साहित्य संसद, नई दिल्ली
मूल्य :450 रुपए
इस संग्रह की कविताएं कवि के गहरे और व्यापक संसार को प्रस्तुत करती हैं। इनमें कवि की दृष्टि गहरी मानवीय संवेदना से जुड़ी है। उसकी कविताएं पुरानी पद्धतियों का अतिक्रमण करती हुई आगे बढ़ती हैं।
निजाम
(उपन्यास)
मोहनदास नैमिशराय
अमन प्रकाशन, कानपुर,
मूल्य :375 रुपए
उपन्यासकार के वर्षों की मेहनत का फल है ‘निजाम’। इस उपन्यास में लेखक ने दलित, पिछड़े समाज की समस्यायों को उठाया है। जेल में सजा झेल रहे लोगों के जीवन को कैसे बदला जाए, इसकी ओर संकेत है। उपन्यास कथाकार के अपने जेल अनुभव पर आधारित है।
काजल की मेड़
(कविता संग्रह)
अनिला राखेचा
वाणी प्रकाशन, दिल्ली,
मूल्य :395 रुपए
इस संग्रह की कविताओं में प्रेम की उत्कंठा के साथ अनेकानेक भाव, संवेदना और विचारों का संगम है। सांसारिक संघर्ष, घर-परिवार, कुटुंब और बाह्य समाज के विविध अनुभवों और अंतर्मन की बहुविधि तरंगों से संपन्न यह संग्रह नवीन प्रश्नों ओर चिंताओं की गहन अभिव्यक्ति करता है।
