परिचर्चा
उत्तर-कोरोना प्रभाव : समाज और संस्कृति / प्रस्तुति : विनोद कुमार यादव

उत्तर-कोरोना प्रभाव : समाज और संस्कृति / प्रस्तुति : विनोद कुमार यादव

प्रस्तुति : विनोद कुमार यादव शोध छात्र, विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुरकोरोना ने पूरे विश्व को हिला दिया है। अब वैक्सिन आने के बावजूद उसका दूसरा आक्रमण सामने है। दुनिया में जिस एक मुद्दे पर हाल के दशकों में सबसे ज्यादा चर्चा हुई है, वह कोरोना से होनेवाली क्षति और...

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दलित चेतना की नई मंजिलें : मधु सिंह

दलित चेतना की नई मंजिलें : मधु सिंह

प्रस्तुति : मधु सिंह विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में एम.फिल. की शोध छात्रा। कोलकाता के खुदीराम बोस कॉलेज में शिक्षण।आधुनिक युग विमर्शों का युग है। इस काल में शिक्षा और विज्ञान की प्रगति ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया है। फलस्वरूप साहित्य में...

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राष्ट्रवाद और संकटग्रस्त भाषाएं : अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी

राष्ट्रवाद और संकटग्रस्त भाषाएं : अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी

प्रस्तुति : अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी युवा भाषाविद। विगत एक दशक से भाषा-तकनीक से जुड़े विषयों पर लेखन। विश्वभारती, शांतिनिकेतन में कार्यरत। भारतीय ‘राष्ट्रवाद’ एक संरचना के रूप में स्वतंत्रता-संघर्षों से मुखर हुआ है, जिसमें उदारता, सहिष्णुता और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना...

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परिचर्चा : फणीश्वरनाथ रेणु का महत्व

परिचर्चा : फणीश्वरनाथ रेणु का महत्व

प्रस्तुति : संजय जायसवाल कवि और समीक्षक। विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में सहायक प्रोफेसर।   फणीश्वरनाथ रेणु आंचलिक उपन्यास और नई कहानी दौर के विशिष्ट कथाकार हैं। वे हिंदी के पहले कहानीकार हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के प्रवेश का...

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