साक्षात्कार
मोहनदास नैमिशराय से प्रदीप कुमार ठाकुर की बातचीत

मोहनदास नैमिशराय से प्रदीप कुमार ठाकुर की बातचीत

दलित साहित्य के अग्रणी लेखकों में एक नाम मोहनदास नैमिशराय है।पहली दलित आत्मकथा ‘अपने-अपने पिंजरे’ के लेखक।भारतीय दलित आंदोलन का इतिहास (चार खंड) एक दस्तावेजी काम है, जिस पर उनके अनुभव की छाप है।५ वर्षों तक भारत सरकार के डॉ अंबेडकर प्रतिष्ठान, नई दिल्ली के सदस्य।वर्धा...

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जर्मन कहानी जेनेवा झील के किनारे : स्टीफान ज्वाइग, अनुवाद : शिप्रा चतुर्वेदी

जर्मन कहानी जेनेवा झील के किनारे : स्टीफान ज्वाइग, अनुवाद : शिप्रा चतुर्वेदी

स्टीफान ज्वाइग (1881-1942)।अपने समय के प्रसिद्ध जर्मन उपन्यासकार, नाटककार व जर्नलिस्ट।प्रमुख रचनाएं ‘द रॉयल गेम’, ‘अमोक’, ‘लेटर फ्रॉम एन अननोन वुमेन’, ‘कनफ्यूज़न’ आदि।22 फरवरी 1942 में आत्महत्या कर ली थी। अनुवाद : शिप्रा चतुर्वेदी 1984 से जर्मन भाषा की शिक्षक। जर्मन...

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मैं ‘फेमिनिस्ट’ लफ़्ज़ को जानने से पहले ही ‘फेमिनिस्ट’ बन चुकी थी!

मैं ‘फेमिनिस्ट’ लफ़्ज़ को जानने से पहले ही ‘फेमिनिस्ट’ बन चुकी थी!

अरबी-भाषा के कई प्रकाशनों और न्यूयार्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट, द गार्जियन आदि के लिए नियमित लिखने वाली मोना एल्तहावी एक प्रमुख अमेरिकी आप्रवासी लेखिका और पत्रकार हैं।स्त्री अधिकारों की एक प्रबल समर्थक।इनकी रचनाओं में अरब संसार में स्त्री के स्थान और स्थिति का बयान...

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जलवायु ही जल है, जल ही जलवायु है : जलपुरुष राजेंद्र सिंह से जावैद अब्दुल्लाह की बातचीत

जलवायु ही जल है, जल ही जलवायु है : जलपुरुष राजेंद्र सिंह से जावैद अब्दुल्लाह की बातचीत

प्लेनेटरी पीस और प्लेनेटरी पॉलिटिकल सिस्टम निर्माण की संस्था वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी के संस्थापक व लेखक जावैद अब्दुल्लाह द्वारा मानवजाति की भावी पीढ़ी पर मंडराते पानी के भूमंडलीय संकट परजल-पुरुष राजेंद्र सिंह से हुई बातचीत के अंश राजेन्द्र सिंह (बाएं) जावैद अब्दुल्लाह...

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जलवायु ही जल है, जल ही जलवायु है : जलपुरुष राजेंद्र सिंह से जावैद अब्दुल्लाह की बातचीत

जलवायु ही जल है, जल ही जलवायु है : जलपुरुष राजेंद्र सिंह से जावैद अब्दुल्लाह की बातचीत

प्लेनेटरी पीस और प्लेनेटरी पॉलिटिकल सिस्टम निर्माण की संस्था वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी के संस्थापक व लेखक जावैद अब्दुल्लाह द्वारा मानवजाति की भावी पीढ़ी पर मंडराते पानी के भूमंडलीय संकट परजल-पुरुष राजेंद्र सिंह से हुई बातचीत के अंश राजेन्द्र सिंह (बाएं) जावैद अब्दुल्लाह...

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बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

अफगानिस्तान नेशनल असेंबली की प्रथम महिला उपराष्ट्रपति, राजनीतिज्ञ, स्त्री अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाली। दोहा शांति बैठक में तालिबानियों के साथ बात-चीत करने वाले दल की प्रमुख सदस्य हैं फौजिया कूफी। इनका साक्षात्कार लिया है आनंदबाजार पत्रिका की संवाददाता अग्नि राय...

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एक साक्षात्कार कपिला वात्स्यायन का : अनुवाद अवधेश प्रसाद सिंह

एक साक्षात्कार कपिला वात्स्यायन का : अनुवाद अवधेश प्रसाद सिंह

कपिला वात्स्यायन (1928-2020) का विगत सितंबर माह में निधन हो गया। वे वैश्विक स्तर पर प्रख्यात कला-विदुषी थीं। पद्म विभूषण से सम्मानित। वे कला-प्रदर्शनियों में सिद्धहस्त थीं और मानविकी तथा कला के क्षेत्र में बहु-अनुशासनात्मक स्तर पर संवाद करने में कुशल थीं। उन्होंने...

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लुईस ग्लूक से नोबल मीडिया का साक्षात्कार

लुईस ग्लूक से नोबल मीडिया का साक्षात्कार

नोबल साहित्य सम्मान 2020 की घोषणा होने के तुरंत बाद टेलीफोनिक साक्षात्कार के लिए नोबल मीडिया की ओर से लुईस ग्लूक को फोन किया गया। अल्लसुबह एक कप कॉफी की चाहत के साथ, लुईस ने अपने घर से संक्षेप में बात की। साक्षात्कारकर्ता थे, चीफ़ साइंटिफिक अधिकारी एडम स्मिथ. (स्रोत :...

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