अनुवाद
बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

अफगानिस्तान नेशनल असेंबली की प्रथम महिला उपराष्ट्रपति, राजनीतिज्ञ, स्त्री अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाली। दोहा शांति बैठक में तालिबानियों के साथ बात-चीत करने वाले दल की प्रमुख सदस्य हैं फौजिया कूफी। इनका साक्षात्कार लिया है आनंदबाजार पत्रिका की संवाददाता अग्नि राय...

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बांग्ला कविता  : जय गोस्वामी/ अनुवाद : मीता दास

बांग्ला कविता : जय गोस्वामी/ अनुवाद : मीता दास

बांग्ला के प्रसिद्ध कवि। कविता–संग्रह ‘पागली तोमार संगे’ के लिए 2000 में साहित्य अकादमी पुरस्कार। हिंदी और बांग्ला  में कविता लेखन एवं अनुवाद, छत्तीसगढ़ जन संस्कृति मंच की अध्यक्ष।1- हम हैं पथिक                                पेड़ का नाम पेड़ हैंधूल का नाम धूलनदियों के...

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कन्नड़ कहानी : गंध

कन्नड़ कहानी : गंध

कर्कि कृष्णमूर्ति पेशे से इंजीनियर। कन्नड के हाल के कहानीकारों में नए तेवर के रचनाकार के रूप में पहचान। अब तक दो कहानी-संग्रह प्रकाशित।डी.एन.श्रीनाथ कन्नड-हिन्दी में परस्पर अनुवाद। अब तक 80 पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार.शृंग की उम्र तीन साल की...

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कन्नड़ कहानी : छोटे स्वामी की गलती

कन्नड़ कहानी : छोटे स्वामी की गलती

के.वी. तिरुमलेश कन्नड कवि, कहानीकार और समीक्षक। कन्नड़ में तिरुमलेश नव्य कवि और कहानीकार के रूप में परिचित। मुखवाड़गलू, वठारा, अवधा, सम्मुख आदि इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं। डी.एन.श्रीनाथ कन्नड-हिन्दी में परस्पर अनुवाद। अब तक 80 पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादमी का अनुवाद...

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मंगलवार की झपकी : गैब्रियल गार्सिया मार्खेज

मंगलवार की झपकी : गैब्रियल गार्सिया मार्खेज

प्रमुख समीक्षक और अनुवादक, आलोचना पुस्तक : ‘क्षितिज के उस पार से' 6 मार्च 1927 को जन्मे, जादुई यथार्थवाद के चितेरे गैब्रियल गार्सिया मार्खेज एक बहुचर्चित, बहुविख्यात अमेरिकन स्पेनिश लेखक हैं. यह कहानी (ट्यूजडे सियेस्टा) मार्खेज के बचपन की एक स्मृति से प्रेरित कहानी...

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इतालवी कहानी : मर्तबान

इतालवी कहानी : मर्तबान

      एल. पिरानदेल्लो/ संदल भारद्वाज  इतावली कहानीकार/ अनुवादक   उस साल एक बार फिर ज़ैतून की फ़सल की भरपूर पैदावार हुई। कुछ मोटे और बूढ़े पेड़ पिछले साल से लदे पड़े थे,बावजूद उस घने कोहरे के, जिसकी वजह से उनमें बौर आने में काफ़ी देर हुई थी। उन सबसे भी इस...

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