अनुवाद
नीड़ का सपना बुनती चिड़िया : बिंदु मारंगाड, अनुवाद : विजयकुमारन सी. पी. वी.

नीड़ का सपना बुनती चिड़िया : बिंदु मारंगाड, अनुवाद : विजयकुमारन सी. पी. वी.

मलयालम कथाकार और सामाजिक कार्यकर्ता।एक कहानी संग्रह प्रकाशित| संप्रति रेलवे सेवा में। छुट्टी की सारी अलसता माथे पर मढ़कर चाय का प्याला लिए मैंने अखबार पर नज़र डाली।महामारी के फैलाव से बचाने के लिए बंद तालों के क्रमशः खुलते जाने का समाचार पढ़ रही थी कि उन परिंदों की...

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दुन्या मिखाइल/निज़ार कब्बानी/अर्नेस्टी कार्डेनल/महमूद दरवेश की कविताएं अनुवाद :गौरव गुप्ता

दुन्या मिखाइल/निज़ार कब्बानी/अर्नेस्टी कार्डेनल/महमूद दरवेश की कविताएं अनुवाद :गौरव गुप्ता

युवा कवि, अनुवादक।कविता संग्रह- ‘तुम्हारे लिए’। दुन्या मिखाइल 1965 में जन्मी दुन्या मिखाइल अरबी भाषा की इराकी कवि हैं।अपने लेखन के कारण अधिकारियों से प्रताड़ित होने के बाद उन्होंने अमेरिका में शरण ली। धन्यवाद मैं उन सभी को धन्यवाद देती हूँजिन्हें मैं प्यार नहीं करतीवे...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो : अनिल कुमार बर

अनिल कुमार बर (1968) बोडो के प्रतिष्ठित कवि, अनुवादक, आलोचक, संपादक एवं लोकसाहित्यविद।गौहाटी विश्वविद्यालय में लोकसाहित्य विभाग में प्रोफेसर।एक दर्जन से अधिक मौलिक, अनूदित एवं संपादित पुस्तकें।साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त। अनुवाद : अंशु सारडा...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : मिज़ो : अनीता वनललनुन्मवी

अनीता वनललनुन्मवी (1992) मिज़ो भाषा की कवयित्री और कथालेखिका।आप अंग्रेजी में भी लिखती हैं।मिज़ो में आपके तीन कविता संग्रह प्रकाशित। हिंदी अनुवाद : अनीता पंडित (1982) युवा अनुवादिका और संपादिका।साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘संवदिया’ का दस वर्षों से संपादन। लड़की उसके चेहरे...

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वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

असमिया से बांग्ला अनुवाद : वासुदेव दासबांग्ला से हिंदी अनुवाद : संजय राययुवा कवि।एक पुस्तक ‘कुंवर नारायण का कविता लोक’। रात में अनादि के शरीर के ऊपर से एक चूहा दौड़कर भागा।घबराकर उसने बत्ती जलाई और उठ बैठा।रात में अकसर रसोई और बरामदे से उसे उन छोटे-छोटे चूहों की...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : कार्बी : ऑन तेरॉन

ऑन तेरॉन (1993) कार्बी भाषा के युवा कवि कथाकार एवं संपादक।पेशे से शिक्षक।तीन पुस्तकें प्रकाशित।जामबिलि लिटरेरी फाउंडेशन के सचिव तथा ‘माइनो’ नामक कार्बी पत्रिका के सह-संपादक। हिंदी अनुवाद : आकाश कुमार (1991) युवा हिंदी लेखक और अनुवादक।जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : चकमा : जोगमाया चकमा

जोगमाया चकमा (1960) चकमा भाषा की प्रतिष्ठित कवयित्री।कथालेखिका, संपादिका और अनुवादिका।आपकी कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित।त्रिपुरा सरकार के भाषा सम्मान से सम्मानित। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : ओ.पी.झा (1971) हिंदी एवं अंग्रेजी के कवि-कथाकार और परस्पर अनुवादक हैं।आपने...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : मिसिंग भाषा : दीपक दले

दीपक दले (1968) मिसिंग भाषा के महत्वपूर्ण लेखक हैं।असमिया में भी लिखते हैं।कविता, कहानी, जीवनी एवं शोध-आलोचना की एक दर्जन पुस्तकें। अनुवाद : कुल प्रसाद उपाध्याय कवि, कथाकार और अनुवादक।तुलनात्मक साहित्य में विशेष रुचि।असमिया, नेपाली, बांग्ला आदि भाषाओं से अनुवाद कार्य।...

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एक शाम डॉक्टर फ़ाउस्ट के साथ : हरमन हेस, हिंदी रूपांतरण : विजय शर्मा

एक शाम डॉक्टर फ़ाउस्ट के साथ : हरमन हेस, हिंदी रूपांतरण : विजय शर्मा

मूल जर्मन : हरमन हेस, (2 जुलाई 1877-9 अगस्त 1962) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन साहित्यकार।मुख्य रूप से अपने तीन उपन्यासों ‘सिद्धार्थ’, ‘स्टेपेनवौल्फ़’ और ‘मागिस्टर लुडी’ के लिये परिचित।अपनी मृत्यु के बाद यूरोप में युवा वर्ग के बीच अत्यंत लोकप्रिय। प्रस्तुत है राल्फ़...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : लेप्चा : याङसौङ तामसङ

ल्याङसौङ तामसङ (1945) लेप्चा भाषा के प्रतिष्ठित लेखक, संपादक और भाषाविज्ञानी।अंग्रेजी में भी लिखते हैं।अनेक पत्रिकाओं के संस्थापक, संपादक तथा वेस्ट बंगाल माएल ल्याङ लेप्चा डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष हैं। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : तपन कुमार (1994) हिन्दी के युवा कवि,...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : ककबरक कविता : चंद्रकांत मुड़ासिंह

चंद्रकांत मुड़ासिंह (1957) ककबरक भाषा के प्रतिष्ठित कवि।सात कविता-संग्रह प्रकाशित।साहित्य अकादेमी के अगरतला स्थित नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर ओरल लिटरेचर के निदेशक।साहित्य अकादेमी का भाषा सम्मान और रवींद्र पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार प्राप्त। अनुवाद :अभिजीत भट्टाचार्य (1971)...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : खासी : स्ट्रीमलेड ड्खर

स्ट्रीमलेट ड्खार (1960) खासी भाषा की प्रतिष्ठित कवयित्री, कथा लेखिका, नाट्यकार, आलोचक और विदुषी।नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग में खासी की प्रोफेसर।अनेक पुरस्कार-सम्मान प्राप्त।तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। हिंदी अनुवाद : जीन एस. ड्खार (1979) बहुभाषी...

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दक्षिण भारतीय आदिवासी कविताएं, अनुवाद : अरिंदम

दक्षिण भारतीय आदिवासी कविताएं, अनुवाद : अरिंदम

मदकम लक्ष्मण कोया (तेलुगु) आंध्र प्रदेश के पूर्व गोदावरी क्षेत्र के युवा आदिवासी तेलुगु कवि। ओ आदिवासी तुम वर्षा में भीगते होधूप में सूखते होजाड़े में कांपते होखाते तब हो जब पाते होऔर उपवास रहते होजब कुछ नहीं मिलतातुम अकेले होऔर बड़ी शक्तियां टांग अड़ाती हैंहो सकता है...

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अमरीकी कविता- तेवा इंडियन

अमरीकी कविता- तेवा इंडियन

आदिवासी गीत ओ! हमारी धरती माता, ओ! हमारे पिता आकाशहम आपके बच्चे हैंऔर अपनी पीठ पर लाद कर लाए हैंआपके लिए उपहारजिसे आप पसंद करते हैंजिससे आप बुनें हमारे लिए एक चमकदार वस्त्रजिसके ताने हों सुबह के लाल आलोकजिसके बाने हों संध्या के रक्तिम प्रकाशजिसके कोर हों बारिश की...

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वे गोश्त खाते हैं हांसदा सौवेंद्र शेखर, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

वे गोश्त खाते हैं हांसदा सौवेंद्र शेखर, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

कहानीकार संथाल पृष्ठभूमि के एक महत्वपूर्ण अंग्रेजी कथाकार।कहानी संग्रह ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’।पहले की  झारखंड सरकार द्वारा इस पुस्तक पर प्रतिबंध।एक अन्य चर्चित पुस्तक ‘द मिस्टीरियस एलमेंट ऑफ रूपी अनुवादकआकाशवाणी में उद्घोषणा और कार्यक्रम संचालन। बांग्ला तथा अंगरेजी...

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पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

अयुङ रैखान (1942) ताङखुल भाषा की कवयित्री, कथालेखिका तथा समाज सेविका।आकाशवाणी की सेवानिवृत्त कार्यक्रम निष्पादक।तीन पुस्तकें प्रकाशित। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : रूमी लश्कर बोरा (1970) असमिया की प्रतिष्ठित कवयित्री, कथालेखिका, अनुवादिका और सामाजिक कार्यकर्ता।डेढ़ दर्जन...

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पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

पूर्वोत्तर की कविताएं : अरुणाचल प्रदेश

मैमंग दई अरुणाचल प्रदेश की अंग्रेजी में लेखन करने वाली कवि- पत्रकार।कई पुस्तकें प्रकाशित। अंग्रेजी से अनुवाद :मधु सिंह युवा कवयित्री।पीएच.डी. की शोध छात्रा।खुदीराम बोस कॉलेज में शिक्षण। कोई सपना शेष नहीं दिन कुछ भी नहींरात में भी पौधे और पत्तियांधीरे-धीरे बढ़ ही जाती...

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पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

पूर्वोत्तर की कविताएं : मणिपुरी

थांगजाम इबोपिशक सिंह प्रसिद्ध मणिपुरी कवि।कई पुरस्कारों से सम्मानित। अनुवाद :सूर्यदेव राययुवा कवि। डाली, हुसैन या स्वप्न की सुगंध : हवाओं के रंग 1वांगु में रहने वाले चाचा ने मुझसे पूछा-इस वर्ष कितने पसेरी धान इकट्ठा किया है?फिर मैंने अपने दोस्त केशो से पूछाइस महीने के...

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पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

पूर्वोत्तर की कविताएं : गारो

फैमेलिन के. मरक (1967) गारो भाषा की प्रतिष्ठित कवयित्री और लेखिका।अंग्रेजी में भी लिखती हैं। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : देवेंद्र कुमार देवेश (1974) हिंदी कवि, आलोचक, अनुवादक और संपादक।कुल डेढ़ दर्जन पुस्तकें प्रकाशित।रचनाओं के अनुवाद विभिन्न भारतीय भाषाओं में हुए...

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पूर्वोत्तर की कविताएं : ताङखुल

पूर्वोत्तर की कविताएं : खासी

 किनफाम सिंह नोंगकिनरिह (1964) खासी कवि, लेखक और अनुवादक।नेहू, शिलांग में प्रोफेसर।कई पुस्तकें।कई पुरस्कार। अनुवाद :  रेशमी सेन शर्मा कला और साहित्य से जुड़ी अनुवादिका। कोलकाता में शिक्षणरत। अंधेरी रात की रौशनी मत पूछो मुझसे किमेरी कविता की जुबान कहां से आती हैमत पूछो...

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