अनुवाद
मेरे मन और कागज़ की भित्तियों पर दर्ज शब्द : एनी आर्नो

मेरे मन और कागज़ की भित्तियों पर दर्ज शब्द : एनी आर्नो

साल 2022 के नोबल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित फ्रेंच लेखिका एनी आर्नो का जन्म नॉरमांडी के छोटे-से गांव इगतो में हुआ, जहां उनके माता-पिता एक परचून की दुकान और कैफे चलाते थे। उस छोटे-से गांव से साहित्य के नोबल तक का सफ़र बहुत उतार-चढ़ावों से भरा रहा, जिन्हें एनी अपनी...

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बांग्ला कहानी नयनतारा : शीर्ष मुखोपाध्याय, अनुवाद : भोला प्रसाद सिंह

बांग्ला कहानी नयनतारा : शीर्ष मुखोपाध्याय, अनुवाद : भोला प्रसाद सिंह

लेखक(1967-2021) बांग्ला साहित्यकार और पत्रकार। ‘आजकाल’ और ‘स्टार आनंद’ मीडिया से जुड़े रहे।पिछले साल कोरोना से मृत्यु। अनुवादकभोला प्रसाद सिंहवरिष्ठ लेखक और अनुवादक।लघु पत्रिका ‘कण’ निकालते रहे हैं।   कई दिनों से बदन को झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही थी।बाहर...

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श्री लंका की कविताएं 1, अनुवाद : राजेश झा

श्री लंका की कविताएं 1, अनुवाद : राजेश झा

हिंदी अनुवाद- राजेश कुमार झाअनुवाद, लेखन तथा संपादन का लंबा अनुभव।आकाशवाणी में निदेशक के पद पर। जीन अरसनयगम (1931-2019) श्री लंका की मशहूर कवयित्री,  लेखिका और कलाकार।श्रीलंका के अंग्रेजी साहित्य में विपुल योगदान।कविताओं में श्रीलंका में लंबे समय तक चले जातीय-संघर्ष...

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मलयालम कविताएँ, अनुवाद : बालमुकुंद नंदवाना

मलयालम कविताएँ, अनुवाद : बालमुकुंद नंदवाना

कवि और अनुवादक निरंजन टी. जी. जन्म (1967)।पेशे से मरीन इंजीनियर।कविताओं का एक संकलन ‘चिलावु कुरंजा कविताकल’ (जिसका अर्थ है- कम लागत वाली कविताएं)  असहमत ऋतुओं पर नजरदारी कोई छूट नहीं, केवल इसलिए कि तुमस्वयं को बारिश कहती होअपनी इच्छा के अनुसारबरसने की तुम्हें अनुमति...

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श्री लंका की कविताएं 1, अनुवाद : राजेश झा

श्री लंका की कविताएं 2, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

हिंदी अनुवाद- राजेश कुमार झा लेखक, भाषाविद और अनुवादक। सीरी गुणसिंघे (1925-2017) श्री लंका के सुप्रसिद्ध कवि और आलोचक।प्रमुख कविता पुस्तकें :‘अबि निकमाना’, ‘राथु केकुला’ और ‘अलकामंडावा’।भैंसा जल रही थी मेरी दाढ़ीघबराकर मैं भाग रहा थादौड़ता हुआ नीचे की ओरहोने वाला था...

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युद्ध पर रूसी कविताएं 2

युद्ध पर रूसी कविताएं 2

बोरिस पॉस्तरनाक(1890-1960) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रूस के प्रसिद्ध कवि।उपन्यास ‘डॉक्टर जिवागो’ के लिए प्रसिद्ध।यह कविता हिटलर द्वारा लेनिनग्राड के कब्जे के समय रूसियों के प्रतिरोध पर लिखी गई थी।विजेता क्या तुम्हें याद हैवह गले की खराश,शैतानों का मुकाबला करते हुएजो...

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पोलिश कविता

पोलिश कविता

विस्लावा शिम्बोर्स्का1996  में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित पोलिश कवयित्री।अंत और शुरुआत हर युद्ध के बादकिसी न किसी को करनी होती है सफाईआखिर कुछ भी खुद-ब-खुद ठीक नहीं होताकिसी को हटाना होता है रास्ते से मलबाताकि लाशों से भरी गाड़ियां वहां से गुजर सकेंइसके लिए...

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यूक्रेनी कविताएं 1

यूक्रेनी कविताएं 1

बोरिस हूमेनयुक(1965-) कवि, लेखक और पत्रकार।2013 के ‘यूक्रेंस रिवोल्यूशन ऑफ डिग्निटी’ में सक्रिय भागीदारी।स्वयंसेवकों से बनी एक स्व-संगठित सैन्य इकाई में कार्य। यूक्रेनी से अंग्रेजी अनुवाद : ओक्साना मकसिमयुक और मैक्स रोसोचिन्स्कीजब तुम साफ करते अपना हथियारजब तुम साफ...

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यूक्रेनी कविताएं 2, अंग्रेजी से अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

यूक्रेनी कविताएं 2, अंग्रेजी से अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

(1974) यूक्रेन की प्रमुख कवयित्री और अनुवादक।सवीव स्टेट यूनिवर्सिटी में मध्यकालीन साहित्य की प्रोफेसर।बच्चों पर लिखी गई रचनाएँ पंद्रह भाषाओं में अनूदित।प्रमुख काव्य कृतियां - ‘जर्नीज इन सर्च ऑफ होम’, ‘द फेस बीअंड द फोटोग्राफ’।अनेक यूक्रेनियन और यूरोपियन पुरस्कारों से...

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युद्ध पर रूसी कविताएं 2

युद्ध पर रूसी कविताएं 1

कांस्टैंटिन सिमोनोव(1915-1979) रूसी कवि, उपन्यासकार।युद्धकालीन कवि के रूप में प्रसिद्ध।अपनी कविता ‘वेट फॉर मी’ के लिए विख्यात हुए।मेरा इंतजार करो मैं लौटूंगा, मेरा इंतजार करोपूरी हिम्मत से इंतजार करोघनघोर थपेड़े बारिश के रोकेंतब भी इंतजार करोजोरों की बर्फबारी हो तो भी...

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मराठी कविताएं : संजय चौधरी

मराठी कविताएं : संजय चौधरी

मराठी के वरिष्ठ कवि, अनुवादक और समीक्षक।कविता संग्रह ‘माझ इवलं हस्ताक्षर’हिंदी अनुवाद -  सूर्यनारायण रणसुभे शहर -एक खत्म ही नहीं होता यह शहरफैलता ही जा रहा है चारों दिशाओं मेंमहाकाय अजगर की तरहकहते हैं कि इस शहर के एक छोर परकोई बच्चा अगर जन्मा होऔर निकला हो रेंगते-...

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नीड़ का सपना बुनती चिड़िया : बिंदु मारंगाड, अनुवाद : विजयकुमारन सी. पी. वी.

नीड़ का सपना बुनती चिड़िया : बिंदु मारंगाड, अनुवाद : विजयकुमारन सी. पी. वी.

मलयालम कथाकार और सामाजिक कार्यकर्ता।एक कहानी संग्रह प्रकाशित| संप्रति रेलवे सेवा में। छुट्टी की सारी अलसता माथे पर मढ़कर चाय का प्याला लिए मैंने अखबार पर नज़र डाली।महामारी के फैलाव से बचाने के लिए बंद तालों के क्रमशः खुलते जाने का समाचार पढ़ रही थी कि उन परिंदों की...

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दुन्या मिखाइल/निज़ार कब्बानी/अर्नेस्टी कार्डेनल/महमूद दरवेश की कविताएं अनुवाद :गौरव गुप्ता

दुन्या मिखाइल/निज़ार कब्बानी/अर्नेस्टी कार्डेनल/महमूद दरवेश की कविताएं अनुवाद :गौरव गुप्ता

युवा कवि, अनुवादक।कविता संग्रह- ‘तुम्हारे लिए’। दुन्या मिखाइल 1965 में जन्मी दुन्या मिखाइल अरबी भाषा की इराकी कवि हैं।अपने लेखन के कारण अधिकारियों से प्रताड़ित होने के बाद उन्होंने अमेरिका में शरण ली। धन्यवाद मैं उन सभी को धन्यवाद देती हूँजिन्हें मैं प्यार नहीं करतीवे...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो : अनिल कुमार बर

अनिल कुमार बर (1968) बोडो के प्रतिष्ठित कवि, अनुवादक, आलोचक, संपादक एवं लोकसाहित्यविद।गौहाटी विश्वविद्यालय में लोकसाहित्य विभाग में प्रोफेसर।एक दर्जन से अधिक मौलिक, अनूदित एवं संपादित पुस्तकें।साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त। अनुवाद : अंशु सारडा...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : मिज़ो : अनीता वनललनुन्मवी

अनीता वनललनुन्मवी (1992) मिज़ो भाषा की कवयित्री और कथालेखिका।आप अंग्रेजी में भी लिखती हैं।मिज़ो में आपके तीन कविता संग्रह प्रकाशित। हिंदी अनुवाद : अनीता पंडित (1982) युवा अनुवादिका और संपादिका।साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘संवदिया’ का दस वर्षों से संपादन। लड़की उसके चेहरे...

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वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

वायरस : मनोज कुमार गोस्वामी

असमिया से बांग्ला अनुवाद : वासुदेव दासबांग्ला से हिंदी अनुवाद : संजय राययुवा कवि।एक पुस्तक ‘कुंवर नारायण का कविता लोक’। रात में अनादि के शरीर के ऊपर से एक चूहा दौड़कर भागा।घबराकर उसने बत्ती जलाई और उठ बैठा।रात में अकसर रसोई और बरामदे से उसे उन छोटे-छोटे चूहों की...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : कार्बी : ऑन तेरॉन

ऑन तेरॉन (1993) कार्बी भाषा के युवा कवि कथाकार एवं संपादक।पेशे से शिक्षक।तीन पुस्तकें प्रकाशित।जामबिलि लिटरेरी फाउंडेशन के सचिव तथा ‘माइनो’ नामक कार्बी पत्रिका के सह-संपादक। हिंदी अनुवाद : आकाश कुमार (1991) युवा हिंदी लेखक और अनुवादक।जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : चकमा : जोगमाया चकमा

जोगमाया चकमा (1960) चकमा भाषा की प्रतिष्ठित कवयित्री।कथालेखिका, संपादिका और अनुवादिका।आपकी कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित।त्रिपुरा सरकार के भाषा सम्मान से सम्मानित। अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : ओ.पी.झा (1971) हिंदी एवं अंग्रेजी के कवि-कथाकार और परस्पर अनुवादक हैं।आपने...

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पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : बोडो  : अनिल कुमार बर

पूर्वोत्तर की कविताएं-2 : मिसिंग भाषा : दीपक दले

दीपक दले (1968) मिसिंग भाषा के महत्वपूर्ण लेखक हैं।असमिया में भी लिखते हैं।कविता, कहानी, जीवनी एवं शोध-आलोचना की एक दर्जन पुस्तकें। अनुवाद : कुल प्रसाद उपाध्याय कवि, कथाकार और अनुवादक।तुलनात्मक साहित्य में विशेष रुचि।असमिया, नेपाली, बांग्ला आदि भाषाओं से अनुवाद कार्य।...

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एक शाम डॉक्टर फ़ाउस्ट के साथ : हरमन हेस, हिंदी रूपांतरण : विजय शर्मा

एक शाम डॉक्टर फ़ाउस्ट के साथ : हरमन हेस, हिंदी रूपांतरण : विजय शर्मा

मूल जर्मन : हरमन हेस, (2 जुलाई 1877-9 अगस्त 1962) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन साहित्यकार।मुख्य रूप से अपने तीन उपन्यासों ‘सिद्धार्थ’, ‘स्टेपेनवौल्फ़’ और ‘मागिस्टर लुडी’ के लिये परिचित।अपनी मृत्यु के बाद यूरोप में युवा वर्ग के बीच अत्यंत लोकप्रिय। प्रस्तुत है राल्फ़...

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