अनुवाद
लोकनाथ यशवंत की मराठी कविताएं/ अनुवाद : टीकम शेखावत

लोकनाथ यशवंत की मराठी कविताएं/ अनुवाद : टीकम शेखावत

कविता, शार्ट फिल्म, पत्रकारिता, अनुवाद में रुचि। प्रकाशित कविता संग्रह- ‘सफेद लोग’। सुपरिचित मराठी दलित कवि। आठ कविता-संग्रह प्रकाशित। दलित आंदोलन से भी संबद्ध।1-लैंडस्केप कितना आनंददायी होता हैकैनवास पर सूर्योदय की पेंटिंग करनावैसे ही सूर्यास्त का भीविशाल लैंडस्केप...

read more
एंदलुरी सुधाकर की तेलुगु कविता : आत्मकथा, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

एंदलुरी सुधाकर की तेलुगु कविता : आत्मकथा, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

एंदलुरी सुधाकर : व्यापक रूप से सम्मानित तेलुगु दलित कवि, प्रोफेसर और अनुवादक। अपनी विशेष शैली के लिए विख्यात। येशुवा स्मृति पुरस्कार से सम्मानित।अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविदमेरी आत्मकथा का विमोचनएक भव्य भवन में किया गयाखुले मंच पर किया गया मेरा...

read more
वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया : तेलुगु के प्रमुख समकालीन दलित लेखकों में। एक कविता संग्रह के अतिरिक्त ‘कक्का’ और ‘सिद्दी’ दो दलित उपन्यास प्रकाशित।अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविदमैं वह हूँ जो शवों को जलाता हैलकड़ी की मदद से जलते शरीर कोचिता में धकियाता हैजलती चिता की...

read more
ईरानी कहानी इंतजार : सईद यवाकोल

ईरानी कहानी इंतजार : सईद यवाकोल

अंग्रेजी से हिंदी रूपांतरण : विजय शर्मा प्रमुख समीक्षक और अनुवादक। आलोचना पुस्तक  : ‘क्षितिज के उस पार से’ हर महीने की तरह वह अपने बेटे के पास आया है। खाली कमरे में अकेले बैठे हुए वह अपने मोटे शीशे के चश्में से ईरानी कालीन की पुरानी आत्मा में बुने हुए बदरंग फूलों को...

read more
मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

लेखक, भाषाविद और अनुवादक (1949-2014)। प्रसिद्ध मराठी कवि। दलित पैंथर आंदोलन के संस्थापक। अपने प्रथम कविता संग्रह ‘गोलपीठा’ से ही चर्चित।   मैं भाषा के गुप्तांग मेंयौन रोग से पैदा हुआ घाव हूँहजारों उदास दयनीय आंखों सेझांक रही जीवित आत्मा नेमुझे कंपकंपा दिया हैअपने...

read more
नबीना दास की कविता चूम रहे हैं वे, अनुवाद : राजेश कुमार झा

नबीना दास की कविता चूम रहे हैं वे, अनुवाद : राजेश कुमार झा

अनुवाद, लेखन तथा संपादन का लंबा अनुभव। आकाशवाणी में निदेशक के पद पर। अंग्रेजी की असम निवासी चर्चित कवि और कथाकार। काव्य संकलन- ‘ब्लू वेसेल’, ‘इनटू द माइग्रेंट सिटी’ - और ‘रेड रिवर’ और (संस्कारनामा)। बंदूक़ की नोक पर चूम रहे हैं वेजानते हैं कि चूमते हुए वे नहीं पकड़े...

read more
बांग्ला कहानी : पिता

बांग्ला कहानी : पिता

तमाल बंद्योपाध्याय, बांग्ला के प्रसिद्ध कथाकार। चर्चित उपन्यास - ‘उत्तरपुरुष’ और ‘कम्पासवाला’।अनुवाद : संजय राय    पिता कभी नहीं मरते। वे अपनी संतानों में बचे रहते हैं। बचे रहते हैं उनकी बुरी आदतों में। विशेष भाव-भंगिमाओं में भी बचे रहते हैं। मैं बिलकुल अभी जिस तरह...

read more
बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

बंदूक की नोक पर जीत हासिल नहीं की जा सकती : फौजिया कूफी

अफगानिस्तान नेशनल असेंबली की प्रथम महिला उपराष्ट्रपति, राजनीतिज्ञ, स्त्री अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाली। दोहा शांति बैठक में तालिबानियों के साथ बात-चीत करने वाले दल की प्रमुख सदस्य हैं फौजिया कूफी। इनका साक्षात्कार लिया है आनंदबाजार पत्रिका की संवाददाता अग्नि राय...

read more
बांग्ला कविता  : जय गोस्वामी/ अनुवाद : मीता दास

बांग्ला कविता : जय गोस्वामी/ अनुवाद : मीता दास

बांग्ला के प्रसिद्ध कवि। कविता–संग्रह ‘पागली तोमार संगे’ के लिए 2000 में साहित्य अकादमी पुरस्कार। हिंदी और बांग्ला  में कविता लेखन एवं अनुवाद, छत्तीसगढ़ जन संस्कृति मंच की अध्यक्ष।1- हम हैं पथिक                                पेड़ का नाम पेड़ हैंधूल का नाम धूलनदियों के...

read more
कन्नड़ कहानी : गंध

कन्नड़ कहानी : गंध

कर्कि कृष्णमूर्ति पेशे से इंजीनियर। कन्नड के हाल के कहानीकारों में नए तेवर के रचनाकार के रूप में पहचान। अब तक दो कहानी-संग्रह प्रकाशित।डी.एन.श्रीनाथ कन्नड-हिन्दी में परस्पर अनुवाद। अब तक 80 पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार.शृंग की उम्र तीन साल की...

read more
कन्नड़ कहानी : छोटे स्वामी की गलती

कन्नड़ कहानी : छोटे स्वामी की गलती

के.वी. तिरुमलेश कन्नड कवि, कहानीकार और समीक्षक। कन्नड़ में तिरुमलेश नव्य कवि और कहानीकार के रूप में परिचित। मुखवाड़गलू, वठारा, अवधा, सम्मुख आदि इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं। डी.एन.श्रीनाथ कन्नड-हिन्दी में परस्पर अनुवाद। अब तक 80 पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादमी का अनुवाद...

read more
मंगलवार की झपकी : गैब्रियल गार्सिया मार्खेज

मंगलवार की झपकी : गैब्रियल गार्सिया मार्खेज

प्रमुख समीक्षक और अनुवादक, आलोचना पुस्तक : ‘क्षितिज के उस पार से' 6 मार्च 1927 को जन्मे, जादुई यथार्थवाद के चितेरे गैब्रियल गार्सिया मार्खेज एक बहुचर्चित, बहुविख्यात अमेरिकन स्पेनिश लेखक हैं. यह कहानी (ट्यूजडे सियेस्टा) मार्खेज के बचपन की एक स्मृति से प्रेरित कहानी...

read more
इतालवी कहानी : मर्तबान

इतालवी कहानी : मर्तबान

      एल. पिरानदेल्लो/ संदल भारद्वाज  इतावली कहानीकार/ अनुवादक   उस साल एक बार फिर ज़ैतून की फ़सल की भरपूर पैदावार हुई। कुछ मोटे और बूढ़े पेड़ पिछले साल से लदे पड़े थे,बावजूद उस घने कोहरे के, जिसकी वजह से उनमें बौर आने में काफ़ी देर हुई थी। उन सबसे भी इस...

read more