समीक्षा संवाद
हिंदी उपन्यास में नया प्रस्थान : रमेश अनुपम

हिंदी उपन्यास में नया प्रस्थान : रमेश अनुपम

कवि और समीक्षक कृतियाँ 'ठाकुर जगमोहन सिंह समग्र', ' समकालीन हिंदी कविता', 'जल भीतर इक बृच्छा उपजै' (काव्य संचयन), 'लौटता हूँ मैं तुम्हारे पास' (काव्य संग्रह)।  वंदना राग की 'बिसात पर जुगनू' और अनामिका की 'आईनासाज' पुस्तकों पर चर्चा अनामिका का 'आईना साज़’ मध्य भारत...

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नवजागरण की समकालीन चेतना/ अच्युतानंद मिश्र

नवजागरण की समकालीन चेतना/ अच्युतानंद मिश्र

अच्युतानंद मिश्र युवा आलोचक। अद्यतन कविता संग्रह ‘आंख में तिनका’ और लेखों का संग्रह ‘बाजार के अरण्य में’।  नवजागरण के संदर्भ में जर्मन दार्शनिक एडोर्नो ने लिखा है ‘नवजागरण जरूरी है, मगर असंभव’। कोई भी समाज अपनी यथास्थितियों के विरुद्ध संघर्ष करता है, लड़ता है- यह...

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हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं :  ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

हिंदी गद्य की नई भंगिमाएं : ज्ञानरंजन और राजेश जोशी की नई गद्य पुस्तकों पर चर्चा/ रमेश अनुपम

कवि और समीक्षक कृतियाँ 'ठाकुर जगमोहन सिंह समग्र', ' समकालीन हिंदी कविता', 'जल भीतर इक बृच्छा उपजै' (काव्य संचयन), 'लौटता हूँ मैं तुम्हारे पास' (काव्य संग्रह)।     ज्ञानरंजन अपनी कहानियों तथा महत्वपूर्ण पत्रिका ‘पहल’  के संपादक के रूप में पिछले पांच दशक से...

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