युवा कवि। धरती भी एक चिड़िया हैकविता संग्रह। संप्रति अध्यापन।

 

हे मेरी तुम

1.
मेरे प्राणों में बहता हुआ प्रकाश
कुछ और नहीं तुम हो
यह नेत्र तुम्हें निहारने को हैं
पीड़ा बांटने को हैं हाथ
पैर साथ चलने को
नाम पुकारने को है जिह्वा
मेरी बांहें खुली हैं हर ऋतु में
मेरा वक्ष प्रतीक्षित है
मेरे कंधे नम हैं
तुम्हारी हथेली का एक स्पर्श
मेरे जीवन का प्राप्य है
न्योछावर है हर कुछ तुम पर
अर्जित किया है जो
इस क्षण तक
मेरे प्राणों में बहता हुआ प्रकाश
कुछ और नहीं तुम हो।

2.
हे मेरी तुम!
आओ हम रोटी खाएं
बड़े जतन से हमनें इसे कमाया है
झूठ नहीं बोला है
न ही खून बहाया है
हे मेरी तुम!
झूठ की रोटी व्यापारी खाते हैं
डाक्टर पानी की बोतल से कमाते हैं
न्याय बेचकर खाते हैं वकील
चौकी बेच दरोग़ा खाते
हे मेरी तुम!
पुजारी भगवान बेच देता है, देश बेच देते हैं नेता
जिसकी ओर देख रही तुम वह है पूरा अभिनेता
देश-विदेश में घूम रहा है बन
नंबर वन बिक्रेता
ऐसे ही सब कुछ न कुछ बेच रहे हैं
हम जैसे बस चुप देख रहे हैं
हे मेरी तुम!
आओ हम रोटी खाएं
बड़े जतन से हमने इसे कमाया है
झूठ नहीं बोला है, न ही खून बहाया है।

3.
हे मेरी तुम!
समय की देहरी पर मैंने रख दिए हैं
बिटिया के लिए कुछ शब्द
और कुछ बीज
कल जब घर-बाहर अंधेरा उसे
चारों ओर से घेरेगा
और यह निश्चित है कि किसी मोड़ पर घेरेगा
तो संभव है वह स्वयं को अकेली पाए
उसे कोई राह न दिखे
न संबल
तब शब्द ही उसे राह दिखाएंगे
कविताएं देंगी बल
हे मेरी तुम!
मुझे यकीन है वह जीत सकेगी
कोई भी लड़ाई जब वह लड़ेगी
और चाहेगी तो इन बीजों से उगा सकेगी
एक नयी पृथ्वी
बिलकुल फूल-सी।

4.
हे मेरी तुम!
एक फूल तुम्हारे नाम का
एक चिड़िया तुम्हारे नाम की
एक बादल का टुकड़ा तुम्हारे नाम का
बारिश की हजारों बूंदों पर तुम्हारा नाम
एक तारों भरी रात और
पूरा चांद
पूरा चांद तुम्हारे हाथ की मेंहदी में
और उस मेंहदी में
कहीं पर मेरा नाम।

5.
हे मेरी तुम!
कल शिकायत थी
तुम समझते क्यों नहीं
हर बात पर बहुत जिद करते हो?
हे मेरी तुम!
आज
शिकायत है
तुम हर बात मान कैसे लेते हो
कुछ कहते क्यों नहीं हो।

6.
हे मेरी तुम!
तुम्हारे बारे में सोचना
अपने ही मन की जड़ों को पानी देना है।

7.
हे मेरी तुम!
ये आंखें नहीं स्मृतियों का समुद्र हैं
जहां मेरी नाव हर बार तट पर ही
डूब जाती है।

8.
हे मेरी तुम!
तुम्हारे आंचल से अपने माथे का पसीना पोछने
मैं बार-बार लौटूंगा।

संपर्क :सहायक आचार्य हिंदी, गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्वी,चित्रकूट210205  मो.6306813815