‘पापा, देखो इस फोटो प्रदर्शनी में सबसे संवेदनशील फोटो यही लगी।’

‘हां बेटा, इस फोटो के लिए ही इसके फोटोग्राफर को बेस्ट फोटोग्राफी का पुरस्कार मिला था… लेकिन कुछ दिनों बाद…।’

‘कुछ दिनों बाद क्या पापा…?’

‘बेटा इस फोटोग्राफर ने पुरस्कार लेने के बाद हमेशा-हमेशा के लिए फोटोग्राफी छोड़ दी।’

‘क्यों पापा…?’

‘आत्मग्लानि के कारण।’

‘खुलकर बताओ न… पहेली मत बुझाओ।’

‘इस चित्र को ध्यान से देखो, दरअसल फोटो में एक भूख से तड़पती बच्ची को दिखाया गया है, जो आखिरी सांसें गिन रही है… और कुछ दूरी पर ऊंचे टीले पर बैठा एक बाज उसके मरने का इंतजार कर रहा है। कब वह लड़की मरे और वह अपनी भूख मिटाए।’

‘इसमें आत्मग्लानि की बात कहां से आई?’

‘यदि वह उस बच्ची की फोटो लेने के बजाए, उसे खाने को कुछ देता… तो शायद वह भूख से नहीं मरती। इसका अहसास उसके चाहने वालों ने यह फोटो देखने के बाद करवाया!’

पितृ कृपा, 4/254, बीब्लॉक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पंचशील नगर, अजमेर-305004 राजस्थान  मो.9461020491

Pic : Kevin Carter