
वरिष्ठ लेखक और गजलकार। दो गजल संग्रह, तीन कहानी संग्रह सहित करीब 14 किताबें प्रकाशित।
गजल
किस्सा अजीब है मौला
राजा ग़रीब है मौला
ख़तरा उसी से ज़्यादा है
वो जो क़रीब है मौला
कीलें नहीं चुभीं उसको
नकली सलीब है मौला
हुक्का भरे हुजूरों का
यूं तो अदीब है मौला
बातें हवा हवाई हैं
झूठा हबीब है मौला
हक़ का नहीं मिला मुझको
कैसा नसीब है मौला।
193 राधारमण कालोनी, मनावर, जिला-धार. म.प्र. – 454446 मो. 09893010439

