(1974) यूक्रेन की प्रमुख कवयित्री और अनुवादक।सवीव स्टेट यूनिवर्सिटी में मध्यकालीन साहित्य की प्रोफेसर।बच्चों पर लिखी गई रचनाएँ पंद्रह भाषाओं में अनूदित।प्रमुख काव्य कृतियां जर्नीज इन सर्च ऑफ होम’, ‘द फेस बीअंड द फोटोग्राफ।अनेक यूक्रेनियन और यूरोपियन पुरस्कारों से सम्मानित।

युद्ध नहीं

आप खड़े हैं ‘युद्ध नहीं’ की तख्ती लिए
मानो अपरिवर्तनीय को करना है परिवर्तित
पर रुक नहीं सकता युद्ध
जैसे नहीं रुकता
खुले घाव से रिसता ताजा खून
जब तक पूरी तरह सोख नहीं लेता
शरीर से प्राण
शत्रु प्रवेश करता है
शहरों में हथियारबंद लोगों के साथ
टोही टुकड़ियों को लेकर घुस जाता है
हमारे आंगनों में
घातक पारे के दानों की तरह
उसे रोका नहीं जा सकता
न ठीक किया जा सकता है
सिवाय ढूंढ़कर मार डालने के
जिन नागरिकों
क्लर्कों, आई-टी लड़कों और छात्रों को
जीवन ने
सड़क की लड़ाई के लिए तैयार नहीं किया
उन्हें बाध्य होकर लड़ना पड़ रहा है
युद्ध अग्रिम पंक्ति में
एक दर्दनाक परिस्थिति में सैनिक रक्षकों के साथ
पहले वे
केवल अनुभवी सैनिकों को भर्ती करते हैं
फिर उन खिलाड़ियों को
जो खेलते थे ड्यून और फॉलआउट
या स्थानीय क्लबों के बारटेंडर से
मोलोटोव कॉकटेल सीखने वालों को
जब बच्चे सो रहे हैं बच्चे रो रहे हैं
बच्चे पैदा हो रहे हैं
इस दुनिया में
जो इस समय जीने लायक नहीं है
खेल के मैदान में
वे चेक हेजहोग को इकट्ठा कर रहे हैं
छोटे परिवार मौत के लिए
जहर मिला रहे हैं मदिरा में
बड़े परिवार आपस में कर रहे हैं बात
बना रहे हैं कोई योजना
युद्ध कम कर देता है दूरियां
व्यक्ति से व्यक्ति के बीच
जन्म से मृत्यु के बीच
जिसे हमने कभी रोकना नहीं चाहा
पर हम रोकने में सक्षम थे
मां, फोन उठाओ – एक महिला दो घंटे से
अपार्टमेंट बिल्डिंग के बेसमेंट से
लगा रही है लगातार गुहार
उखड़ा नहीं है
किसी चमत्कार से उसका विश्वास
पर उसकी मां
शहर से दूर फोन की पहुंच से बाहर है
जहां प्रीफैब ढह गया है कमजोर खंभों की तरह
भारी हमलों के कारण
जहां कल से ही ब्रॉडकास्ट टॉवरों ने
लोगों के बीच बंद कर दिया
संवाद का स्रोत
जहां दुनिया हो गई है
धराशायी युद्धपूर्व और युद्धोत्तर टुकड़ों में
फेंक देंगे रूसी कवि ‘युद्ध नहीं’ की तख्ती
ऊबड़-खाबड़ परती के पास कूड़ेदान में
लौटते हुए विरोध स्थल से अपने घर
युद्ध में मरती है जनता
तटस्थ लोगों के हाथों से भी
और उनके हाथों
जो रखते हैं निष्क्रिय सहानुभूति।

मेरी प्रेम-भाषा के दांत टूट गए हैं

तुम कहते हो थूक दूँ इन्हें
सब के सब बाहर, जल्दी!
मुझे मिलेंगे सजे-सजाए सीधे दांत
जिनमें होगी काटने की बेहतर क्षमता
मेरी प्रेम-भाषा जहाज के मलवे की तरह है
बचो इन घने कबाड़ों से ये विस्फोटक से भरे हैं
इनमें छिपी है तारों की जानलेवा जाली
तुम कभी नहीं जान सकते
वास्तव में किसी शब्द का अर्थ क्या होता है
किन यादों को तुम छू दो
तो वे विस्फोटक हो जाएंगे
हमने लगाए हैं बाड़ ताकि कोई मारा न जाए
सुंदर दृश्यों का छद्म फैलाती मृत्यु से
दूसरों को सावधान करने के लिए
हमने टांगे हैं चेतावनी के चिह्न
पर तुम उन्हें हटाना चाहते हो
ताकि परिदृश्य खराब न हो
करना नहीं चाहते सैनिकों का इंतजार
हटाना नहीं चाहते
इलाके में फैले लोहे के कांटों को
मेरी प्रेम-भाषा
पिता की नजरों की तरह भारी हो गई है
उनके बेटे के ताबूत पर वह
अचल पलकों की तरह है
जिन्हें बिना झपकाए
वे पूरे सप्ताह अपनी बंदूकें साधते रहे थे
मेरी प्रेम-भाषा अपने शब्दों पर अटक रही है
मां की तरह
मैंने उसे समेटे रखा जब मैं रो रहा था
और रुलाई रोकने के लिए
उसे समेटता जा रहा था
मैंने बुना था उसे एक जाल की तरह
मौसम के रंगों के साथ मिला दिया था रंग
ताकि वह किसी को छिपा सके अपने भीतर
तुमने कहा पागल मत बनो
बुद्धिमत्ता दिखाओ
ऊंची भाव-भूमि पर आओ
अपने पर नियंत्रण करो
जाल से निकलकर मुक्त हो जाओ
इस झुलसी हुई जमीन पर एक फूल लगाओ
भाषा और अपने भीतर की इस खाली जगह पर
तुमने अवश्य बचाए होंगे फूलों के कुछ बीज
तुमने सहेजा होगा कहीं एक सहृदय शब्द
अपनी आत्मा के किसी कोने में
जो क्षमा कर देगा सारे अपराध
मेरी प्रेम-भाषा इतनी सयानी हो गई है कि
उसके साथ बाहर निकल आती है मेरी जीभ
और बाहर आ जाती है मेरी आत्मा
इस निष्प्राण भाषा के साथ।

वरिष्ठ लेखक, भाषाविद और अनुवादक।

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