छड़ी हथेली पर लगी तो एक छोटी कक्षा में चीकू की रुलाई फूट पड़ी। मास्टर साहब ने गुस्से में चीकू की उत्तर पुस्तिका छीनते हुए कड़क आवाज में कहा, ‘परीक्षा में नकल करते हो…! क्या नकल करके लिखा है, दिखाओ।’

चीकू ने सहमी हुई आवाज में कहा, ‘…मास्टर जी! कुछ नहीं। बस एक सवाल का मतलब राहुल से पूछ रहा था, ‘अपने परिवार में रहने वाले सभी सदस्यों के नाम लिखो।’

‘तो,  तुम्हें नहीं पता…? तुम परिवार में नहीं रहते?’

मास्टर जी ने थोड़ी कोमलता से पूछा, तो चीकू ने गालों पर से आंसू पोछते हुए कहा, ‘मास्टर जी! रहता हूँ। मम्मी-पापा, भाई-बहन का नाम लिखा है पर बाबा-दादी तो ‘वृद्धाश्रम’ चले गए …उनका नाम लिखूं कि नहीं…? बस यही पूछ रहा था।’

इस सवाल का जवाब मास्टर साहब को भी समझ में नहीं आया…!

द्वारा- श्री सी पी मिश्रा, गली नं-3, चिरैयाटांड़, पटना-800001  मो.9504557272