
रामशरण की पत्नी सीने में दर्द से तड़प रही थी। वे अपनी पत्नी को लेकर शहर के सबसे बड़े हॉस्पिटल में पहुंचे।
रिसेप्शनिस्ट ने काउंटर पर मुस्कराकर कहा, ‘चिंता मत कीजिए, हमारे पास वर्ल्ड-क्लास इलाज है। कोई एक पैकेज चुन लीजिए- गोल्ड, प्लेटिनम या डायमंड?’ घबराए रामशरण ने प्लेटिनम पैकेज ले लिया।
अगले पांच दिन हर घंटे नए टेस्ट, स्कैन और इंजेक्शन पड़ते रहे। डॉक्टर आते, कुछ लिखते और निकल जाते।
छठे दिन शाम को डॉक्टर ने कहा- ‘कन्फर्म हुआ, गैस थी। आपके पेशेंट को सीने में दर्द गैस की वजह से हुआ था। मरीज बिलकुल ठीक है।’
बिल देखकर रामशरण के होश उड़ गए, कुल 3,85,000 रुपये का था।
उन्होंने हकलाते हुए पूछा, ‘इतना सब… सिर्फ गैस के इलाज में?’
रिसेप्शनिस्ट फिर मुस्कुराई- ‘सर, यहां वर्ल्ड-क्लास सर्विस है। प्लेटिनम का रेंज यही है।’
रामशरण को चक्कर आने लगा।
बेटियाँ लेडीज़ कॉर्नर, धर्मस्थान रोड, दुमका, झारखंड-814101 मो.947010564

चिकित्सा के नाम पर हो रही लूट पाट तथा हावी होते बाज़ार पर करारा तंज कसती हुई लघुकथा है – इलाज का धंधा। ऋतु त्यागी की कविताएँ और मराठी में अनुदित अन्य कविताएँ भी बहुत सुंदर हैं। वागर्थ का बेहतरीन अंक।