जयद्रथ सुना
चर्चित ओड़िआ कवि। साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार-सम्मान। कविता-संग्रह ‘सोस’, ‘निआंधरा’ एवं ‘लिभि आसुथिबा चूलि’। संप्रति : प्रगति साइंस कॉलेज, भवानीपटना में ओड़िआ भाषा-साहित्य के व्याख्याता।
ममता प्रियदर्शिनी साहू
ओड़िआ भाषा की कवयित्री, आलोचक और अनुवादिका। दो कविता-संग्रह और आलोचना की दो पुस्तकें। संप्रति डॉ. परशुराम इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी इन एजुकेशन, संबलपुर में ओड़िआ भाषा-साहित्य की असिस्टेंट प्रोफेसर।

 

पद्मावती बनाम सस्मिता

राजनीति विज्ञान का छात्र था मैं
इसलिए शायद
मैं नहीं जानता था
दो सौ वर्ष पुराने इतिहास की
पद्मावती को
आज जान गया
पद्मावती का मतलब
दंगा, फसाद
हिंसा, रास्ता-रोक, आग लगाना
जानता था लेकिन
कुंदुली पीड़िता सस्मिता1 को
पेड़ों के बीच जिंदा थी
पेड़ों की तरह संघर्ष किया
अपनी छाती को पहाड़ बनाकर
बाधा-बिघ्न की चिंता किए बगैर
झरना बनकर झरने लगी थी

तुम क्या राष्ट्र हो?
लोगों के अच्छे-बुरे का विचार कर सकते हो?
पक्की सड़क, बिजली-बत्ती
बीपीएल चावल और घर दे सकते हो क्या?
कैसे तुम्हारा हाथ गया
उसकी धार काट दी तुमने
अच्छी तरह झरी भी नहीं थी वह
एक तरफ
इतिहास के दर्पण में
मुर्दे को उखाड़कर
अंकुरित करने के लिए
लोगों के पास बोया जा रहा था
और दूसरी तरफ लेकिन
अंकुरित धान को
छिन्न-भिन्न करके
अकाल के नाम
लोगों के मन को
लोरी गाकर समझाया जा रहा था

और क्या कहूँ
मैं लेकिन निर्लज्ज कवि हूँ
जुटा नहीं पाता हूँ सच का साहस
लिख नहीं पाता
कुंदुली पीड़िता के ऊपर
एक कविता
मैं तो कल्पना विलासी
कल्पना ही मेरा घर
कल्पना ही मेरा सबकुछ

तुम क्या राष्ट्र हो?
लोगों का अच्छा-बुरा देखते हो?
अब भी तुमको
अंधेरा दिखता है राह में
तभी तो नग्न
शव को काट रहे हो तुम
परीक्षा कर रहे हो योनि की बार-बार

अब भी
तुम उन्हीं का नमक खा रहे हो
गुण गा रहे हो
तारीफ कर रहे हो
सलाम कर रहे हो
सब देख-सुनकर भी
कुछ कर नहीं पाता
मैं निर्लज्ज, स्साला!
वाह-वाह रे मेरी परीक्षा लेनेवाला

अब भी तुम्हारे मन में
बसती है पद्मावती
खो जाती है सस्मिता
इतना सब होने जाने के बाद भी
यदि तुम्हारे मुंह से
‘आह’ शब्द नहीं निकल पा रहा
यह देखो
तुम्हारे मुंह पर किसी ने
थूक दिया है।

  1. कुंदुली बाजार, कोरापुट, ओड़िशा में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की

संपर्क :
जयद्रथ सुना : बांजीपदर, थाना : एम. रामपुर, पत्रालय : रेगेडा, जिला : कालाहांडी,
ओड़िशा 766102 मो. 9110769266

ममता प्रियदर्शिनी साहू : झरिआपली, जिला : सुंदरगढ़, ओड़िशा -770011 मो. 9337067186