युवा कवि।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शोधार्थी।एक साझा लेखन ‘रचनाकारों की सृजनधर्मिता’।

चर्मकार
कितने लोगों की यात्राओं को
सुखद किया होगा उन्होंने
कितने नंगे पैरों के लिए बनाए होंगे जूते
किस कारीगर से सीखा होगा
उन्होंने जूते बनाने का कठिन हुनर
यह बात बहुत कम लोग जानते हैं!
वे चमड़े के जूते बनाते थे
इसी वजह से लोग उन्हें चर्मकार कहते थे
वे नहीं जानते थे गीता के श्लोक
रामायण की चौपाइयां
उनके लिए अभी भी समुद्र पार करना
धर्म के खिलाफ था
वे देश दुनिया की खबरें नहीं जानते थे
नहीं जानते थे कि इस वक्त
कुछ देशों के पास सबसे ज्यादा ताकत है
जो नष्ट कर सकते हैं मानवजाति को
कुछ ही सेकंड में
उन्होंने अभी तक किसी होटल में टेबल-कुर्सी पर बैठकर खाना नहीं खाया
हाथ नहीं मिलाया अपने गांव के ठाकुरों से
पानी नहीं भरा कभी कुएं से
उन्होंने अपनी पूरी उम्र जूते ही बनाए
ताकि उनके बच्चे
जूते बनाने का काम बिलकुल न करें!
वे सदियों से चुप हैं
बिलकुल चुप… बहुत चुप
पुश्तों से ढूंढ रहे हैं वे
एक रोशनी लगातार अंधेरे से लड़ने के लिए
समाज के सबसे ज्यादा हिस्से में
उनकी ही बस्तियां थीं
वे ही सबसे ज्यादा काम करते थे
उन्हें ही इस तरह से रहने की
आदत लगाई गई थी
जिससे उन्हें लगता रहे
वे चमड़े के जूते बनाते हैं
वे चुप थे इसलिए बहुत कम बोलते थे
क्योंकि निरंतर बोलने से
बेहतर चुप रहना भी एक आवाज है!
धर्मशास्त्र के कुछ व्याख्याता
उन्हें अच्छी नजर से नहीं देखते हैं
इसी कारण उन्हें प्रतिबंधित किया जाता है
मंदिर में आने से
धर्म की कुछ किताबों को पढ़ने से
भाटों और ठाकुरों की पंक्ति में
एक साथ खाना खाने से!
सच को साबित करने के लिए सबूत चाहिए
जो उनके पास
सभी जानकारियों के बावजूद नहीं है!
वे साधनाएं नहीं करते थे
मंत्र नहीं जपते थे
भागवत पुराण नहीं सुनते थे
उनके लिए अब भी झाड़-फूंक सबसे उम्दा
और किफायती इलाज था
उनके पास धर्म की फटी-पुरानी पोथियां नहीं थीं
जिन्हें बांट सकें वे
धर्म के नाम का आतंक बेच सकें
विज्ञापन की भाषा में अनेक किस्म के
धार्मिक लाकेट, मालाएँ, पोस्टर, मूर्तियां!
वे जूते बनाने की गतिविधियों के
बीच लंबे क्रियाकलाप करते हैं
ब्रह्मांड की लुप्त प्रजातियां
और दुर्लभ वनस्पतियां
पिरामिड की ऊंचाइयां
दुर्गम पहाड़ और खतरनाक पठार
उनकी भाषा से नहीं सीख सकते
उनके पास ऐसा हुनर है
जो पीढ़ियों से चला आ रहा है
उनके खून में
जिसे अनुवाद की भाषा में सीखना
बहुत मुश्किल काम है!
संपर्क :गांव–कड़ियाना, डाकघर–लाना पालर, तहसील–संगड़ाह, जिला–सिरमौर–१७३०२३ (हिमाचल प्रदेश) मो.८५८०७१५२२१
