कवि : केदारनाथ अग्रवाल
कविता पाठ :सुशील कान्ति
ध्वनि संयोजन : अनुपमा ऋतु 
दृश्य संयोजन : उपमा ऋचा 

प्रस्तुति : वागर्थ, भारतीय भाषा पारिषद कोलकाता