कविता पाठ :सुशील कान्ति
ध्वनि संयोजन : अनुपमा ऋतु
दृश्य संयोजन : उपमा ऋचा

प्रस्तुति : वागर्थ, भारतीय भाषा पारिषद कोलकाता