वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया : तेलुगु के प्रमुख समकालीन दलित लेखकों में। एक कविता संग्रह के अतिरिक्त ‘कक्का’ और ‘सिद्दी’ दो दलित उपन्यास प्रकाशित। अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविद मैं वह हूँ जो शवों को जलाता हैलकड़ी की मदद से जलते शरीर कोचिता में धकियाता हैजलती चिता की...
मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

लेखक, भाषाविद और अनुवादक (1949-2014)। प्रसिद्ध मराठी कवि। दलित पैंथर आंदोलन के संस्थापक। अपने प्रथम कविता संग्रह ‘गोलपीठा’ से ही चर्चित।   मैं भाषा के गुप्तांग मेंयौन रोग से पैदा हुआ घाव हूँहजारों उदास दयनीय आंखों सेझांक रही जीवित आत्मा नेमुझे कंपकंपा दिया हैअपने...
बहस : वर्तमान विश्व में विज्ञान का हाल

बहस : वर्तमान विश्व में विज्ञान का हाल

प्रस्तुति : मनोज मोहन हिंदी के साहित्यिक-सांस्कृतिक दुनिया में निरंतर सक्रिय। वर्तमान में सीएसडीएस की पत्रिका ‘प्रतिमान : समय समाज संस्कृति’  के संपादकीय विभाग से संबद्ध। दुनिया में विज्ञान की जगह टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ा है और जैसे पश्चिमी देश ही एक बार...
एक साक्षात्कार कपिला वात्स्यायन का : अनुवाद अवधेश प्रसाद सिंह

एक साक्षात्कार कपिला वात्स्यायन का : अनुवाद अवधेश प्रसाद सिंह

रचनात्मकता को रोका नहीं जा सकताकपिला वात्स्यायन (1928-2020) का विगत सितंबर माह में निधन हो गया। वे वैश्विक स्तर पर प्रख्यात कला-विदुषी थीं। पद्म विभूषण से सम्मानित। वे कला-प्रदर्शनियों में सिद्धहस्त थीं और मानविकी तथा कला के क्षेत्र में बहु-अनुशासनात्मक स्तर पर संवाद...