नए परिप्रेक्ष्य पर विश्व हिंदी संवाद : प्रस्तुति संजय जायसवाल

नए परिप्रेक्ष्य पर विश्व हिंदी संवाद : प्रस्तुति संजय जायसवाल

हिंदी के साहित्येतिहास को अधिक समावेशी बनाना जरूरी   हिंदी साहित्य के इतिहास को फिर से लिखने का सवाल बार-बार उठता रहा है। 5 दिसंबर 2020 को भारतीय भाषा परिषद की एक ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में साहित्येतिहास के नए परिप्रेक्ष्य पर विचार करते हुए कहा गया कि...