
चर्चित कथाकार और कवि। साहित्य की कई विधाओं में लेखन। कहानी संग्रह ‘लड़की जिसे रोना नहीं आता था’, ‘माई रे…’, ‘एक मधुर सपना’, ‘पानी पानी’, ‘एक स्वप्निल प्रेमकथा’ आदि। बच्चों के लिए भी लेखन। संगीत से लगाव।

अवतारपुरुष
जब जब होती धर्म की हानि
साधुओं का परित्राण
दुराचारियों का करने दलन
होता तुम्हारा अवतरण
कि सुराज का हो पुनर्स्थापन
मगर इसके लिए
हर बार जरूरी क्या पहले
किसी स्त्री का अपहरण
चीरहरण…?
हे प्रभु
मन हो तो करना मनन
सत चित आनंद से
यदि हो सके चिंतन।
चिरप्रतीक्षा
चुप से बेहतर
स्वर चूड़ियों का
हाथों के हिलने का
उससे भी प्यारी
आहट पैंजनी की
जो देती पता पांवों के उठने
और चलने का
क्या सुनाई देगी आवाज उसकी
द्वार खोल कर बाहर निकलने की…?
संभव-असंभव
यह असंभव कहो
संभव कैसे किया
प्यार के ढाई आखर पढ़ गए
और अब पढ़ा सिखा भी रहे
स्त्री के डेढ़ दो अक्षर
जाने बिना…।
किसी बड़े सफर से लौट कर
सब लौटे हैं एक सफर से
आकर
पुरुष कर रहे
तैयारी खाने की
और वहीं औरतें
लगन में लगीं पकाने की…!
नवरूप
अब और रोने की नहीं
मजबूत होने की जरूरत है
जिस तरह कपड़े धोते हुए
उन्हें पीटती पछींटती
गारती झटकारती पसारती
इस दुनिया को भी
अच्छी तरह धोने की जरूरत है…।
संपर्क: 11 सी, आकाश, अर्श हाइट्स, नॉर्थ ऑफिस पाड़ा, डोरंडा, रांची 834002 मो. 9930453711
