
शुभा द्विवेदी
शिक्षाविद और अनुवादक। कई अनुवाद और शोधपत्र प्रकाशित।

डेरेक वालकॉट
(1930-2017) सेंट लूसियाई कवि तथा नाटककार। 1992 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। मंत्रमुग्ध करने वाले पदों के लिए विख्यात। प्रशंसित रचनाएं ‘ओमेरोस’, ‘टाईपोलो हाउंड’, ‘द प्रोडिगल’, ‘सेलेक्टेड पोयम्स’, ‘व्हाइट एग्रेट्स’ और ‘मॉर्निंग पैरामिन’। साहित्य में सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान और सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता।
प्रेम की पुनरावृत्ति
एक वह भी समय आएगा
जब उल्लसित होकर
तुम स्वयं का स्वागत करोगे
पहुंचकर अपने ही द्वार पर
अपने ही आईने में खुद को देखते हुए
और इस स्वागत पर आह्लादित होगे
और कहोगे आओ बैठो कुछ खाओ
तुम एक बार पुनः प्रेम करोगे उस अजनबी से
जो तुम्हारा ही अस्तित्व था
उसे वाइन दो उसे रोटी दो
एक बार फिर अपना सर्वस्व दे दो
उस अजनबी को
जो आजीवन तुमसे प्रेम करता रहा है
जिसकी तुमने किसी और के लिए अवहेलना की
जो तुम्हें पूरे अंतःकरण से स्वीकारता है
किताबों की दराजों से
प्रेम पत्रों को निकाल फेंको
तस्वीरों को भी
और हताशा से भरी सब चीजों को
आईने से खुद की छवि को भी हटा दो
बैठो इत्मीनान से
जीवन को छक कर जियो।
मुट्ठी
मेरे हृदय के इर्दगिर्द कसी हुई मुट्ठी
थोड़ी ढीली पड़ती है और मैं अपनी
चमक में हांफ उठता हूँ
लेकिन वह पुनः कस जाती है
मैंने कब दुख की कद्र नहीं की
पर यह भाव प्रेम से बढ़कर
एक सनक में तब्दील है
यह एक विक्षिप्त व्यक्ति की
शक्तिशाली जकड़न है
यह अतार्किकता के कगार पर पहुंचने की जिद है
रसातल में चीखते हुए हुए गिरने से पहले
मेरे हृदय! हिम्मत बनाए रखो
इस तरह तुम शायद जी पाओ।
द्वीपसमूह
इस वाक्य के पूर्ण होने के साथ
बरसात शुरू हो जाएगी
और इसके समापन पर एक यात्रा
जहाज धीरे-धीरे द्वीपों से दूर होता जाएगा
धुंध में डूब जाएगी एक पूरी प्रजाति की
बंदरगाह में आस्था
दस वर्षीय युद्ध समाप्त हो चुका है
हेलेन के बाल श्वेत बादल की तरह हैं
ट्रॉय सफेद राख का एक गड्ढा है
फुहारों से घिरे समुद्र के किनारे
बूंदाबांदी वीणा के तारों की तरह कसती जाती है
धुंधली दृष्टि वाला कोई व्यक्ति
बारिश को पकड़ने की चेष्टा करता है
और ओडिसी महाकाव्य की पहली पंक्ति बजाता है।
तूफान के बाद
यहां बहुत सारे द्वीप हैं
इतने सारे द्वीप जितने कि रात में तारे
उस शाखादार वृक्ष पर
जहां से उल्का पिंड गिरते हैं
गिरते हुए फल जैसे
लेकिन स्कूनर जहाज के इर्दगिर्द
चीजों को गिरना ही चाहिए
क्योंकि ऐसा हमेशा होता आया है
एक तरफ शुक्र दूसरी तरफ मंगल
गिरते हैं और एक हो जाते हैं
जैसे यह पृथ्वी भी एक द्वीप है
सितारों के द्वीप मंडल में
मेरा पहला मित्र समुद्र था… अब आख़िरी है
अब मैं बात करना बंद कर देता हूँ
मैं काम करता हूँ
फिर पढ़ता हूँ
मस्तूल से लटकी लालटेन के नीचे बैठकर
मैं भूलने की कोशिश करता हूँ कि
प्रसन्नता क्या होती है
और जब यह नहीं हो पाता
मैं तारों का अध्ययन करने लगता हूँ
कभी कभी सिर्फ मैं होता हूँ
कैंची से काटे गए नरम झाग की तरह
जब डेक सफेद हो जाता है
और चंद्रमा बादल को
एक दरवाजे की तरह खोल देता है
मेरे ऊपर पड़ता प्रकाश
सफेद चांदनी में पसरी एक सड़क होती है
जो मुझे घर ले जाती है
शबीन ने समुंदर की गहराई से तुम्हारे लिए
गाया गान।
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