बोरिस हूमेनयुक
(1965-) कवि, लेखक और पत्रकार।2013 के यूक्रेंस रिवोल्यूशन ऑफ डिग्निटीमें सक्रिय भागीदारी।स्वयंसेवकों से बनी एक स्वसंगठित सैन्य इकाई में कार्य।

यूक्रेनी से अंग्रेजी अनुवाद : ओक्साना मकसिमयुक और मैक्स रोसोचिन्स्की

जब तुम साफ करते

अपना हथियार
जब तुम साफ करते अपना हथियार
बार-बार जब तुम साफ करते अपना हथियार
जब तुम रगड़ते तेज गंध वाले तेल
अपने हथियार पर
और बचाते उसे बारिश से अपनी देह से ढककर
जब तुम लपेटते इसे एक शिशु की तरह
भले इससे पहले तुमने
कभी किसी शिशु को लपेटा न हो देह से —
तुम हो उन्नीस साल के
तुम्हारा न कोई बच्चा, न पत्नी—
यह हथियार ही होता है तुम्हारा एकमात्र सगा
तुम और हथियार हो एक
जब तुम खोदते चले जाते खाइयाँ
जब तुम खोदते नफरत से
मूल्यवान धरती को मुट्ठी-दर-मुट्ठी
तो पहुंचती हर दूसरी मुट्ठी तुम्हारे अंतर्मन तक
जब तुम पीसते धरती को अपने दांतों से
नहीं होगी, दूसरी धरती कभी न होगी तुम्हारे पास
तुम चढ़ते धरती पर जैसे अपनी मां के गर्भ में
तुम रहते उष्ण चिपटे हुए
किसी और को इतना करीब
तुमने महसूस नहीं किया कभी
तुम और धरती एक हो
जब तुम चलाते गोली
यहां तक कि रात में
जब दिखाई नहीं देता दुश्मन का चेहरा
यहां तक कि
तुम्हें दुश्मन से और दुश्मन को तुमसे छुपा लेती है रात
और भर लेती अपने आलिंगन में
अपना मानते हुए तुम दोनों को ही—
तुमसे आती है बारूद की गंध
तुम्हारे हाथ, चेहरा, बाल, कपड़े, जूते
कितना भी धोते तुम उन्हें – आती बारूद की गंध
उनसे आती युद्ध की गंध
तुमसे आती बारूद की गंध
तुम और युद्ध एक हो।

कैटरीना कलित्को
(1982) यूक्रेनी भाषा की युवा कवयित्री और अनुवादक।कई पुरस्कारों से सम्मानित।कीवमोहिला अकादमी के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में अध्ययन।

यूक्रेनी से अंग्रेजी अनुवाद  ओलेन जेनिंग्स और ओक्साना लुत्सिशाइना

उसने लिखा

धरती पर उनका विरोध हुआ
और बादलों बीच उन्हें छोड़ दिया गया।
– यूरी एंड्रयू खोविच
मां, तुमने नहीं भेजी मुझे एक भी फोटो
मैं लगभग भूल गया हूँ
कैसा दिखता है तुम्हारा चेहरा
पता है तुम रोओगी कि मैंने दिया तुम्हें कष्ट
लेकिन हर मुसीबत है खून का एक छोटा-सा छींटा
रविवार की पोशाक पर
जीवन सड़क किनारे का है एक घर
हमारे देहाती घर की तरह
पुरानी शैली का दो भागों में विभाजित
एक भाग में वे धोते हैं मृत व्यक्ति की देह
और रोते हैं
दूसरे में वे दुल्हन को सजाते हैं
मां, मैं आऊँ मैं चाहता हूँ तुम वह सपना देखो
जिसमें मैं और अधिक प्रकाश वाली जगह बैठूं
मां तुम बहुत रोती हो
नहीं थमता तुम्हारा विलाप
मैं नहीं देख सकता तुम्हारा चेहरा अच्छे से
पर चेहरे नहीं रखते अधिक मायने
मुझे याद है तुम्हारे केशों में होती है
मक्के की महक
वे सभी चाहते हैं हमसे
कुछ और आंदोलित रखते हैं
सैनिक स्थलों को
जहां देश पड़ा रहता सड़ी मछली की तरह
मैंने लिखा एंड्रयू को एक बड़ा भावपूर्ण पत्र
लेकिन नहीं मिला जवाब
शायद मेरे पास था उसका पता गलत
और इससे पहले एंड्र्यू ने लिखा था कि
कैसे उसे याद है उस टॉफी का स्वाद
जो उसके पिता शहर से लाते थे
याद है हमारे घर के पीछे की फिसलन भरी गली
लिखा था पीटर को उसने
यदि हम कभी लौटे भी तो होंगे स्ट्रेचर पर ही
सही कहा था मां ने
हम मछुआरे ही अच्छे थे
गड़गड़ाहट के साथ होती है बारिश
कीचड़ ढक लेता है फ्रंटलाइनों को
हम बिना आशा के मार्च करते
नदियों के किनारे, बादलों के नीचे
मैं भूल रहा हूँ सब कुछ
मानो स्मृतियां बहकर मुझसे चली गईं हैं दूर
… माँ, क्या वह लड़की हाफिया
अभी भी चर्च में वृंदगान करती है?

हेलिना क्रुक
(1974) यूक्रेन की प्रमुख कवयित्री और अनुवादक।सवीव स्टेट यूनिवर्सिटी में मध्यकालीन साहित्य की प्रोफेसर।बच्चों पर लिखी गई रचनाएँ पंद्रह भाषाओं में अनूदित।प्रमुख काव्य कृतियां – ‘जर्नीज इन सर्च ऑफ होम’, ‘द फेस बीअंड द फोटोग्राफ’।अनेक यूक्रेनियन और यूरोपियन पुरस्कारों से सम्मानित।
यूक्रेनी से अंग्रेजी अनुवाद : सिबेलन फॉरेस्टर

खड़ा है कोई तुम्हारे और मौत के बीच

खड़ा है कोई तुम्हारे और मौत के बीच लेकिन
किसे है पता कि
मेरा हृदय कितना कर सकता है और बर्दाश्त
है यह बहुत महत्वपूर्ण कि तुम हो कहीं
कोई है जो करता है प्रार्थना
अपने शब्दों में
भले ही घुटने मोड़कर, हाथ जोड़कर नहीं
बगीचे से स्ट्राबेरी के डंठल तोड़ना
मुझे याद है
कैसे डाँटा था मैंने तुम्हें जब छोटे थे तुम
जब पकने से पहले ही
निचोड़ लिया था तुमने फलों को
मेरे हृदय में उठती है मंद आवाज
मौत नहीं पकी है अभी तक-
वह हरी है अभी
उसके जीवन में
बिना धोए स्ट्राबेरी से अधिक मीठा नहीं है कुछ भी
मैं करती हूँ विनती
हे प्रभु, उसे न रखें फ्रंट पर
न बरसने दें उस पर रॉकेट
प्रभु
मुझे यह भी नहीं पता कि रॉकेट दिखता है कैसा
मेरे बेटे, मैं नहीं कर सकती कल्पना युद्ध की!

हिंदी प्रस्तुति : बालकृष्ण काबरा एतेश
कवि और अनुवादक।अद्यतन कविता संग्रह : छिपेगा कुछ नहीं यहां।विश्व काव्यों के अनुवादों के दो संग्रह स्वतंत्रता जैसे शब्दऔर जब उतरेगी सांझ शांतिमयऔर विश्व कथाओं और लेखों का संग्रह प्रकाशित ये झरोखे उजालों के

11, सूर्या अपार्टमेंट, रिंग रोड, राणाप्रताप नगर, नागपुर (महाराष्ट्र)- 440022 मो.9422811671