युवा कवयित्री एवं कहानीकार। कहानी संग्रह ‘आखिरी चाय’ प्रकाशित। संप्रति शिकागो में शिक्षण कार्य।

 

गौरैया

इस बार गौरैया पर
कविता नहीं लिखेंगे
और न ही लिखेंगे कोई गीत
इस बार गौरैया को
सुंदर नहीं कहेंगे
और न ही कहेंगे
उसे अपना मीत
इस बार गौरैया के लिए
रखेंगे घर के मुंडेर पर
दाना-पानी
नन्ही चिरइया के
आंगन में आने को कहेंगे
अपनी जीत।