झंडियां : हरियश राय

झंडियां : हरियश राय

वरिष्ठ कथाकार। दो उपन्यासों ‘ नागफनी के जंगल में’ और‘ मुट्ठी में बादल’के अलावा छह  कहानी संकलन‘बर्फ होती नदी’, ‘उधर भी सहरा’,‘अंतिम पड़ाव’, ‘वजूद के लिए’,‘ सुबह- सवेरे’ व ‘किस मुकाम तक’ प्रकाशित। इस सर्द रात में पूरन ने रज़ाई से हाथ बाहर निकालकर अपने मोबाइल‍ से टाइम...
दलदल : हरियश राय

दलदल : हरियश राय

सुपिरिचित कथाकार। दो उपन्यासों‘नागफनी के जंगल में’और‘मुट्ठी में बादल’ के अलावा  छह  कहानी संकलन। सामयिक विषयों से संबंधित पांच अन्‍य किताबें।   ‘ओ के, बाय बाय बेटा, टेक केयर। स्‍कूल में किसी से झगड़ना नहीं। ममा शाम को आएगी, ठीक से रहना स्‍कूल में’ कहकर अंजुला...