हबीब कैफ़ी

हबीब कैफ़ी

    पिछले पांच दशकों से उर्दू-हिंदी में लेखन।चार कथा संग्रह, नौ उपन्यास और एक शायरी संकलन ‘रास्ता मिल जाएगा’। गजल क्या हुआ जो बात करना हमको आया ही नहींफिर भी चेहरे पर कोई चेहरा लगाया ही नहीं आप तो क्या चीज हैं पत्थर पिघल जाते जनाबगीत कोई दिल से अब तक हमने...
हबीब कैफ़ी

हबीब कैफ़ी

    पिछले पांच दशकों से उर्दू-हिंदी में लेखन।चार कथा संग्रह, नौ उपन्यास और एक शायरी संकलन ‘रास्ता मिल जाएगा’। ग़ज़ल वक़्त से पहले ही बालिग़ हो गएआज अपने बच्चे भूखे सो गए क्या ख़रीदें आप ही कहिए जनाबचंद सिक्के जेब में थे खो गए आपकी बातों का जलवा देखकरअक़्ल वाले भी...
तितलियां ढूंढने वाली : जाहिदा हिना, रूपांतर :हबीब कैफी

तितलियां ढूंढने वाली : जाहिदा हिना, रूपांतर :हबीब कैफी

  (१९४७) बिहार के सासाराम में जन्मी मशहूर उर्दू लेखिका जो फिलहाल करांची में रहती हैं।देश के विभाजन पर चर्चित उपन्यास ‘न जुनूं रहा न परी रही’।२००१ में  राष्ट्रपति के.आर.नारायणन के हाथों सार्क लिटररी अवार्ड। पिछले पांच दशकों से उर्दू-हिंदी में लेखन।चार कथा संग्रह,...
हबीब कैफ़ी

हबीब कैफ़ी

    पिछले पांच दशकों से उर्दू-हिंदी में लेखन।चार कथा संग्रह, नौ उपन्यास और एक शायरी संकलन ‘रास्ता मिल जाएगा’। गजल पांव थे नंगे तो छाले पड़ गएधूप में चलने से काले पड़ गए मोतियों की पारखी थीं कल तलकआज उन आंखों में जाले पड़ गए जब नवाज़ा आपने इन्आम सेबाग़ियों के मुंह...
भूख : हबीब कैफी

भूख : हबीब कैफी

पिछले पांच दशकों से उर्दू-हिंदी में लेखन।चार कथा संग्रह, नौ उपन्यास और एक शायरी संकलन ‘रास्ता मिल जाएगा’। लड़की यों महसूस करने लगी थी जैसे वह किसी गहरी अंधेरी गुफा में फिसलने की तरह उतरती चली जा रही है।अपनी हालत से वह आतंकित थी।वह चाहने लगी थी कि कोई सहारा मिले तो ठहर...