दारला वेंकटेश्वरा राव की तेलुगु कविता : यहाँ जन्म लेना क्या अपराध है ?, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

दारला वेंकटेश्वरा राव की तेलुगु कविता : यहाँ जन्म लेना क्या अपराध है ?, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

दारला वेंकटेश्वरा राव : तेलुगु के प्रसिद्ध दलित कवि। भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा डॉ. आंबेडकर नेशनल एवार्ड से सम्मानित। अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविद मेरी रीढ़ की हड्डियाँ कांप उठती हैंजब कोई मेरे जन्म पर टिप्पणी करता हैमुझे नहीं पता कितने मत...
एंदलुरी सुधाकर की तेलुगु कविता : आत्मकथा, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

एंदलुरी सुधाकर की तेलुगु कविता : आत्मकथा, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

एंदलुरी सुधाकर : व्यापक रूप से सम्मानित तेलुगु दलित कवि, प्रोफेसर और अनुवादक। अपनी विशेष शैली के लिए विख्यात। येशुवा स्मृति पुरस्कार से सम्मानित। अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविद मेरी आत्मकथा का विमोचनएक भव्य भवन में किया गयाखुले मंच पर किया गया मेरा...
वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया की तेलुगु कविता : श्मशान की दुर्गंध, अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

वेमुला येल्लैया : तेलुगु के प्रमुख समकालीन दलित लेखकों में। एक कविता संग्रह के अतिरिक्त ‘कक्का’ और ‘सिद्दी’ दो दलित उपन्यास प्रकाशित। अवधेश प्रसाद सिंह : लेखक, अनुवादक एवं भाषाविद मैं वह हूँ जो शवों को जलाता हैलकड़ी की मदद से जलते शरीर कोचिता में धकियाता हैजलती चिता की...
मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

मराठी कविता क्रूरता : नामदेव ढसाल/ अनुवाद : अवधेश प्रसाद सिंह

लेखक, भाषाविद और अनुवादक (1949-2014)। प्रसिद्ध मराठी कवि। दलित पैंथर आंदोलन के संस्थापक। अपने प्रथम कविता संग्रह ‘गोलपीठा’ से ही चर्चित।   मैं भाषा के गुप्तांग मेंयौन रोग से पैदा हुआ घाव हूँहजारों उदास दयनीय आंखों सेझांक रही जीवित आत्मा नेमुझे कंपकंपा दिया हैअपने...
बहस : वर्तमान विश्व में विज्ञान का हाल

बहस : वर्तमान विश्व में विज्ञान का हाल

प्रस्तुति : मनोज मोहन हिंदी के साहित्यिक-सांस्कृतिक दुनिया में निरंतर सक्रिय। वर्तमान में सीएसडीएस की पत्रिका ‘प्रतिमान : समय समाज संस्कृति’  के संपादकीय विभाग से संबद्ध। दुनिया में विज्ञान की जगह टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ा है और जैसे पश्चिमी देश ही एक बार...