युवा कवि। कविता संग्रह ‘बुद्ध और फराहो’। संप्रति सहायक अध्यापक, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय। कर्फ्यू और एक छोटी लड़की हिंसा इतनी बढ़ गई थीकि शहर में लगाना पड़ा कर्फ्यूदेखते ही गोली मारने केदे दिए गए थे आदेशसड़कों पर बंदूक, पत्थर, खूनटूटे हुए...
युवा कवि। कविता संग्रह ‘बुद्ध और फराहो’। संप्रति सहायक अध्यापक, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय। कर्फ्यू और एक छोटी लड़की हिंसा इतनी बढ़ गई थीकि शहर में लगाना पड़ा कर्फ्यूदेखते ही गोली मारने केदे दिए गए थे आदेशसड़कों पर बंदूक, पत्थर, खूनटूटे हुए...
वरिष्ठ कवि। कविता संग्रह ‘तुम अब स्वप्न नहीं देखतीं’, ‘जिंदगी जब हिसाब मांगती है’। मैं मरुस्थल में एक वृक्ष मैं मरुस्थल में एक वृक्ष होना चाहता हूँछायादार और फलदारजैसे मां का आंचलभूख में और धूप में असरदार। जब मां कहा पृथ्वी हो गई जब मां कहा पृथ्वी हो गयापिता कहा तो...
युवा कवयित्री। आंकड़ा धूप से झुलसे हुए हाथजब मिट्टी में बीज डालते हैंतो उम्मीद बोई जाती है-कि इस बार फसलसिर्फ कर्ज नहीं उतारेगीबल्कि भविष्य संवारेगी पर मौसमअब आसमान से नहींबैंकों की फाइलों से तय होता हैबरसात कम हो या ज्यादासूखा खेत में नहींकिसान के सीने...
मंगेश पडगांवकर(1929-2015) साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित मराठी लेखक। लगभग40 पुस्तकें प्रकाशित। विपिन पवारअनुवादक और लेखक। पुस्तकें ‘शब्दों के परे’, ‘अक्षरों की मेरी दुनिया’ (निबंध संग्रह), ‘पीली रोशनी का समंदर’ (कहानी संग्रह)। संप्रति रेल सेवा में। ...
ग़ज़ल संग्रह ‘आशियाने की बातें’ और ‘उड़ना बेआवाज परिंदे’ प्रकाशित।स्पेनिन सम्मान और रज़ा पुरस्कार से सम्मानित।गायन का शौक। 1.घर कहीं, दफ्तर कहीं, बस्ती कहीं, सहरा कहींहम कहीं पर हैं, हमारा कारवां बिखरा कहीं यूं भी हर इंसान में, रहता है इक खानाबदोशएक बादल की...
वरिष्ठ कवि। मराठी में अनूदित कविताओं का संग्रह ‘धरेचे सुख’ प्रकाशित। सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर। जब तक देह है भाषा नहीं थीतब भी मैं लिखता थाकुरेदता पत्थरों से शिलाओं परकुछ आड़ा-तिरछा वाद्ययंत्र नहीं थेतब भी मैं उत्पन्न करता था ध्वनियांनदी में उंगलियों से जल...
‘इस बार तुम्हारे शहर में’, ‘अक्टूबर उस साल’ (कविता संग्रह) ‘होश पर मलाल है’ (गजल संग्रह)। ताशकंद स्टेट युनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज, उज्बेकिस्तान में विजिटिंग प्रोफेसर। समरकंद सदियों की धूप, बर्फ औरयुद्धों के रक्तरंजितइतिहास मेंसमरकंद का बयान व...
मैथिली एवं हिंदी के उदीयमान युवा कवि और समीक्षक। कविताएं विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। अनकहे रागों की भाषा वह जो हर सुबहजगहों को नजर से पोंछता हैजो चुपचापछायाओं के कोनों को व्यवस्थित करता हैउसे कोई नहीं देखता वह दीवारों के...
युवा कवि और पत्रकार। ‘काल बैसाखी’ (कविता संग्रह) प्रकाशित। धुन ‘और बता भाई’‘बस सब बढ़िया’ऐसे बात करते थे पुरुषजैसे बात छुपा रहे होंकोई भावुक होकर रख देता अपना दुखतो खींच ली जाती उसकी टांगया छिड़ जाती स्पर्धा पुरुषों के बीचअपना दुख बड़ा बताने की फिर सबने...
रांची विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में अध्यापन। विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी, आदिवासी कला, संस्कृति, भाषा साहित्य, पर्यावरण के अध्ययन में विशेष रुचि। काव्य संग्रह ‘दिसुम का सिंगार’ प्रकाशित। धरती और प्रेम हम जंगल में जंगल के हिस्से होते हैंऔर पहाड़ों...
युवा कवयित्री। कविता संग्रह ‘आंखों में मानचित्र’ प्रकाशित। सच किवाड़ है यह समय कितना तिक्त हैकि सच बोल नहीं सकतीऔर झूठ बोलना नहीं चाहतीऐसे समय में ही लिखना काम आता है कैसे नकार दूं आंखों देखा हालजबकि हो चुका है लहू-लुहानजानती हूँ अंत तक शायद नहीं कह...
युवा कवयित्री। कविता संग्रह ‘ओ रंगरेज’, ‘वर्जित इच्छाओं की सड़क’ और आंचलिक विवाह गीतों का संकलन ‘मड़वा की छांव में’ प्रकाशित। संप्रति : स्वतंत्र लेखन। दो कविताएं 1.उनकी इंद्रियां सक्रिय हो उठती हैंजब वे किसी औरत कोअकेली यात्रा करते हुए देखते हैंजब वे देखते...
सुप्रतिष्ठित कवि और लेखक। विविध विधाओं में लगभग 80 पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादेमी का बाल-साहित्य पुरस्कार। खतरा सोच का सुना भर थाकि छूनाकिसी भी समुद्र की लहर कोहो जाता है छूनासमस्त समुद्रों का सोचातब तो छूनाएक पहाड़ काहोता होगा छूनाहर पहाड़ का आते...
हिंदी के वरिष्ठ और चर्चित गजलकार, कथाकार और आलोचक। प्रमुख गजल संग्रह : ‘धूप के हस्ताक्षर’, ‘आंखों में आसमान’, ‘गुफ्तगू अवाम से है’, ‘कागजी कश्तियां बनाता हूँ’ आदि। भारतीय भाषा परिषद द्वारा ‘कर्तृत्व समग्र सम्मान-2025’ से सम्मानित। 1.बूढ़ा माली भी उसे देख...
मर्सी मारग्रेट बोड़ातेलुगु की चर्चित युवा कवयित्री, कथाकार और सामाजिक कार्यकर्ता। कविता संग्रह ‘माटला मदुगु’। दुष्यंतयुवा लेखक, गीतकार-पटकथा लेखक। 10 पुस्तकें प्रकाशित। नवीनतम कहानी संग्रह, ‘किस्से कॉफियाना’। पिछले कुछ वर्षों से प्रमुख दैनिक अखबारों के लिए स्तंभ लेखन।...
जयद्रथ सुनाचर्चित ओड़िआ कवि। साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार-सम्मान। कविता-संग्रह ‘सोस’, ‘निआंधरा’ एवं ‘लिभि आसुथिबा चूलि’। संप्रति : प्रगति साइंस कॉलेज, भवानीपटना में ओड़िआ भाषा-साहित्य के व्याख्याता। ममता प्रियदर्शिनी साहूओड़िआ भाषा की कवयित्री, आलोचक...
रुमी लस्कर ब’राअसमिया की सुपरिचित कवयित्री, कथाकार, अनुवादिका, स्तंभ लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता। तीन कविता संग्रह, ग्यारह उपन्यास, तीन कहानी संग्रह, एक जीवनी तथा हिंदी एवं बांग्ला से असमिया में पांच पुस्तकों का अनुवाद। देवेंद्र कुमार देवेशहिंदी कवि, आलोचक, अनुवादक...
वरिष्ठ कवयित्री और कथाकार। पुस्तकें- ‘कुछ लापता ख़्वाबों की वापसी’, ‘समय की धुन पर’, ‘मुझे पतंग हो जाना है’ और ‘तितलियों के शहर में’ (काव्य संग्रह)। ‘एक स्कर्ट की चाह’ (कहानी संग्रह)। तुम सुंदर दिखती थी वृद्ध ने अपने चश्मे से सटा लियाएक पुराना धुंधला...
वरिष्ठ कवि। कविता संग्रह ‘चीख सकते तो पहले पेड़ चीखते’ तथा शहरनामा ‘एक शहर मेरे आस-पास’। ‘आरोह’ साहित्यिक पत्रिका का संपादन। घर लौटते हुए कितने समय तकरोक कर रख सकते हो मुझे! रात चाहती हैबिफोर टाइम झपट्टा मार देगांव की ललचाती शाम पर पर जब तकआखिरी आदमी की...
युवा कवि और लेखक। बाल साहित्य पर सात किताबें प्रकाशित। संप्रति मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग में कार्यरत। गजल एककौन जाने कौन किसको खल रहा है आजकलआदमी ही आदमी को छल रहा है आजकल जुगनुओं की फौज काबिज हर बड़ी दुकान परगांव में सूरज समोसे तल रहा है आजकल नींद जो टूटी तो सारे...
Recent Comments